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हाइब्रिड कारों पर GST में कमी चाहते हैं गडकरी, पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को बंद करने पर ये बोले

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Apr 01, 2024 03:26 pm IST,  Updated : Apr 01, 2024 03:26 pm IST

भारत पेट्रोल-डीजल के आयात पर 16 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है। इसको कम करने के लिए मंत्री ने कहा कि हाइब्रिड वाहनों पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत और फ्लेक्स इंजन पर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया है, जो इसपर विचार कर रहा है।

Nitin Gadkari - India TV Hindi
नितिन गडकरी Image Source : PTI

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत को ग्रीन इकोनॉमी बनाने के लिए देश में हाइब्रिड वाहनों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कम करने की वकालत की है। इसके साथ ही उन्होंने देश को 36 करोड़ से अधिक पेट्रोल और डीजल वाहनों से पूरी तरह मुक्त बनाने का संकल्प किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत को पेट्रोल और डीजल वाहनों से पूरी तरह मुक्त कराना संभव है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा, ‘100 प्रतिशत।’ गडकरी ने कहा, ‘यह मुश्किल है, नामुमकिन नहीं। यह मेरा विचार है।’ 

ईंधन आयात पर 16 लाख करोड़ का खर्च

उन्होंने कहा कि भारत ईंधन आयात पर 16 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है। मंत्री ने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा, गांव समृद्ध होंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा। गडकरी ने इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को पूरा करने के लिए कोई समयसीमा नहीं दी, जिसे हरित ऊर्जा के समर्थक भी बेहद कठिन मानते हैं। मंत्री ने कहा कि हाइब्रिड वाहनों पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत और फ्लेक्स इंजन पर 12 प्रतिशत करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया है, जो इसपर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि देश जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देकर ईंधन आयात को समाप्त कर सकता है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने हरित परिवहन बढ़ाने के लिए गडकरी के दृष्टिकोण का स्वागत किया, हालांकि बिजली के उत्पादन में जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को अनुमति देने के कदम को लेकर आगाह भी किया। 

पांच से सात साल में चीजें बदल जाएंगी

ग्रीनपीस इंडिया के प्रचारक अविनाश चंचल ने कहा, ‘भारत में हम अब भी इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने के लिए जीवाश्म ईंधन-आधारित ऊर्जा प्रणाली पर बहुत अधिक निर्भर हैं। इसे बदलने की जरूरत है। जलवायु संकट से निपटने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा सुनिश्चित करने की तत्काल जरूरत है।’ गडकरी ने कहा कि वह 2004 से वैकल्पिक ईंधन की वकालत कर रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि आने वाले पांच से सात साल में चीजें बदल जाएंगी। 

इलेक्ट्रिक वाहन की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही 

मंत्री ने कहा, ‘मैं आपको इस बदलाव के लिए कोई तारीख और साल नहीं बता सकता क्योंकि यह बहुत कठिन है। यह मुश्किल है, नामुमकिन नहीं।’ उन्होंने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि जिस गति से इलेक्ट्रिक वाहन पेश किए जा रहे हैं, आने वाला युग वैकल्पिक तथा जैव ईंधन का होगा और यह सपना सच होगा। गडकरी ने कहा कि बजाज, टीवीएस और हीरो जैसी मोटर वाहन कंपनियां भी फ्लेक्स इंजन का इस्तेमाल करके मोटरसाइकिल बनाने की योजना बना रही हैं। इसी तरह की प्रौद्योगिकी से बने तिपहिया भी आने वाले हैं। 

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