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MobiKwik ने एंकर निवेशकों से जुटाए ₹257 करोड़, 11 दिसंबर को बोली के लिए खुल रहा आईपीओ

 Published : Dec 10, 2024 11:54 pm IST,  Updated : Dec 10, 2024 11:54 pm IST

जुलाई 2021 में अपनी पहली कोशिश के बाद गुरुग्राम स्थित फर्म द्वारा सार्वजनिक निर्गम के लिए यह दूसरी कोशिश है। इससे पहले, कंपनी ने अपनी आईपीओ योजनाओं को स्थगित कर दिया था। कंपनी को फोनपे, पेटीएम, एयरटेल पेमेंट्स बैंक और फ्रीचार्ज सहित प्रमुख खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

इश्यू 11 से 13 दिसंबर के दौरान सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।- India TV Hindi
इश्यू 11 से 13 दिसंबर के दौरान सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। Image Source : FILE

मोबिक्विक सिस्टम्स ने मंगलवार को कहा कि उसने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले एंकर निवेशकों से 257 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इन एंकर निवेशकों में गवर्नमेंट पेंशन फंड (नॉर्गेस फंड), ईस्टस्प्रिंग इन्वेस्टमेंट्स, मॉर्गन स्टेनली इन्वेस्टमेंट्स, व्हाइट ओक कैपिटल, 360 वन एसेट एंड वेल्थ मैनेजमेंट, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड (एमएफ), एक्सिस एमएफ, एसबीआई एमएफ और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस शामिल हैं। पीटीआई की खबर के मुताबिक, 265-279 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड वाला यह इश्यू 11 से 13 दिसंबर के दौरान सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।

इश्यू 11 से 13 दिसंबर के बीच बोली के लिए है ओपन

बीएसई की वेबसाइट पर जारी सर्कुलर के मुताबिक, मोबिक्विक ने 21 फंडों को 279 रुपये प्रति शेयर की दर से 92.26 लाख इक्विटी शेयर अलॉट करने का फैसला किया है, जो प्राइस बैंड का ऊपरी छोर भी है। यानी कि लेनदेन का आकार 257.4 करोड़ रुपये है। आईपीओ पूरी तरह से 572 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों का एक नया निर्गम है, जिसमें कोई ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) हिस्सा नहीं है। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) के मुताबिक, पीक XV पार्टनर्स के पास मोबिक्विक में 16. 7 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) के पास 2. 8 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

जुटाई राशि का कहां होगा इस्तेमाल

खबर के मुताबिक, 150 करोड़ रुपये के नए इश्यू से हासिल आय का इस्तेमाल इसके वित्तीय सेवा कारोबार में जैविक वृद्धि के लिए, 135 करोड़ रुपये इसकी भुगतान सेवाओं के विस्तार के लिए और 107 करोड़ रुपये एआई, मशीन लर्निंग और टेक्नोलॉजी में अनुसंधान और विकास के लिए किया जाएगा। आईपीओ से जुटाई गई राशि 70. 2 करोड़ रुपये का इस्तेमाल भुगतान उपकरणों और सामान्य कॉर्पोरेट मकसदों पर पूंजीगत खर्च के लिए भी किया जाएगा।

इन कंपनियों से हुई कड़ी प्रतिस्पर्धा

कंपनी को फोनपे, पेटीएम, एयरटेल पेमेंट्स बैंक और फ्रीचार्ज सहित प्रमुख खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल भुगतान फर्म ने वित्त वर्ष 2024 में 890.3 करोड़ रुपये की समेकित कुल आय दर्ज की, जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह 561.6 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2022 में 543.2 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2023 में इसे क्रमशः 128.16 करोड़ रुपये और 83.8 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।

बता दें, जुलाई 2021 में अपनी पहली कोशिश के बाद गुरुग्राम स्थित फर्म द्वारा सार्वजनिक निर्गम के लिए यह दूसरी कोशिश है। इससे पहले, कंपनी ने अपनी आईपीओ योजनाओं को स्थगित कर दिया था और प्रतिकूल बाजार स्थितियों के कारण अपने मसौदा पत्र वापस ले लिए थे।

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