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Idea के शेयर के लिए आई अच्छी खबर, कंपनी ने दी ये बड़ी जानकारी

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Oct 08, 2024 07:51 pm IST,  Updated : Oct 08, 2024 07:51 pm IST

सरकार के पास वीआईएल में लगभग 23 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वीआईएल ने सरकार से 70,000 करोड़ रुपये के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये पर राहत की मांग की है।

Voda Idea Stock Price - India TV Hindi
वोडा आइडिया स्टॉक प्राइस Image Source : FILE

Vodafone Idea के शेयरों में आज कई दिनों बाद तेजी लौटी। शेयर 3.71% चढ़कर 9.50 रुपये पर बंद हुआ। वहीं, अगर 1 महीने का चार्ट देखें तो शेयर में 28% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। स्टॉक ने सारे सपोर्ट तोड़ दिए हैं। हालांकि, बड़े दिन बाद आज अच्छी खबर है। दरअसल, कर्ज में डूबी दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया लि.(VIL) ने मंगलवार को कहा कि वह बैंक गारंटी माफ करने के लिए दूरसंचार विभाग के साथ चर्चा कर रही है। कंपनी को 2022 से पहले हासिल किए गए स्पेक्ट्रम के भुगतान की नियत तारीख से एक साल पहले बैंक गारंटी देना जरूरी है। 

 

स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए बैंक गारंटी देना जरूरी

दूरसंचार विभाग ने वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) को अगले साल सितंबर में देय 24,747 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम भुगतान के आश्वासन के तौर पर बैंक गारंटी जमा करने को कहा है। नियमों के मुताबिक, बैंक गारंटी भुगतान की नियत तारीख से कम-से-कम एक साल पहले जमा करनी होती है। वीआईएल ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसने बैंक गारंटी के संबंध में दूरसंचार विभाग के साथ विस्तार से अपना पक्ष रखा है। दूरसंचार कंपनी ने कहा, ‘‘वर्ष 2022 से पहले हासिल किए गए स्पेक्ट्रम के लिए बैंक गारंटी की शर्तों को हटाने के लिए दूरसंचार विभाग के साथ हमारी बातचीत जारी है। यह उद्योग की भी मांग है।’’
 

छूट देने के लिए वित्त मंत्रालय से संपर्क किया

सूत्रों के मुताबिक, दूरसंचार विभाग ने स्पेक्ट्रम भुगतान बकाया के लिए बैंक गारंटी जमा करने से दूरसंचार कंपनियों को छूट देने के मुद्दे पर वित्त मंत्रालय से भी संपर्क किया है। वोडाफोन आइडिया ने 2022 और 2024 के स्पेक्ट्रम नीलामी नियमों का हवाला देते हुए बैंक गारंटी प्रावधान से राहत की मांग की है। इन नियमों में वार्षिक किस्तों के लिए बैंक गारंटी देने का प्रावधान हटा दिया गया है। वित्तीय संकट से गुजर रही दूरसंचार कंपनी ने पहले लंबित भुगतान पर लगभग 16,000 करोड़ रुपये की ब्याज देनदारी को चुकाया है और कंपनी में सरकार को हिस्सेदारी देने की पेशकश भी की है। सरकार के पास वीआईएल में लगभग 23 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वीआईएल ने सरकार से 70,000 करोड़ रुपये के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये पर राहत की मांग की है।
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