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रोजगार के मोर्चे पर आई अच्छी खबर, मई महीने में बेरोजगारी दर इस कारण घटकर 7.7 प्रतिशत पर आई

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Jun 11, 2023 11:29 am IST,  Updated : Jun 11, 2023 11:29 am IST

उन्होंने कहा कि अप्रैल की तुलना में मई में श्रम भागीदारी दर (एलपीआर) 1.1 प्रतिशत घटकर 39.6 प्रतिशत रह गई। उन्होंने आगे कहा, ''मई में एलपीआर में इस गिरावट की उम्मीद थी, क्योंकि अप्रैल में बड़ी संख्या में लोगों ने श्रम बल में प्रवेश किया था।

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रोजगार Image Source : FILE

देश में रोजगार के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है। काम खाजने वाले बेरोजगारों (Unemployment ) की संख्या में कमी आने से मई महीने में बेरोजगारी दर गिरकर 7.7 प्रतिशत पर पहुंच गई। सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में श्रम भागीदारी घटकर 44.19 करोड़ रह जाने के कारण भारत में बेरोजगारी की दर मई में घटकर 7.7 प्रतिशत रह गई। भारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र (CMIE) की नताशा सोमैया ने अपनी वेबसाइट पर एक विश्लेषण में कहा कि भारत में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में बेरोजगारी दर मई 2023 में घटकर 7.7 प्रतिशत रह गई, जो इससे पिछले महीने 8.5 प्रतिशत थी। श्रम भागीदारी में गिरावट का मतलब है कि काम की तलाश में श्रम बाजार में आने वाले लोगों की संख्या घट गई है। 

अप्रैल में बड़ी संख्या में लोगों को मिला था रोजगार 

उन्होंने कहा कि अप्रैल की तुलना में मई में श्रम भागीदारी दर (LPR) 1.1 प्रतिशत घटकर 39.6 प्रतिशत रह गई। उन्होंने आगे कहा, ''मई में एलपीआर में इस गिरावट की उम्मीद थी, क्योंकि अप्रैल में बड़ी संख्या में लोगों ने श्रम बल में प्रवेश किया था। हालांकि, इस दौरान केवल एक छोटा सा हिस्सा ही रोजगार पाने में सफल रहा। ऐसे में मई के महीने में काम की तलाश करने से कई लोग हतोत्साहित हुए।'' उन्होंने कहा कि इसके चलते श्रम बल का आकार 45.35 करोड़ से घटकर 44.19 करोड़ रह गया। इस बीच, मई 2023 में श्रम भागीदारी में गिरावट शहरी भारत की तुलना में ग्रामीण भारत में काफी अधिक थी। उन्होंने कहा कि शहरी भारत में श्रम बल में करीब 45 लाख की कमी हुई। मई में ग्रामीण श्रम बल पिछले महीने के 30.65 करोड़ से घटकर 29.94 करोड़ रह गया। 

एनएसएसओ ने भी बेरोजगारी घटने की बात कही थी 

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन कार्यालय (NSO) ने भी बेरोजगारी घटने की बात कही थी। एनएसएसओ के आंकड़ों के अनुसार एक साल पहले इसी तिमाही में यह 8.2 प्रतिशत थी। बेरोजगारी दर पिछले साल जनवरी-मार्च तिमाही में सबसे ज्यादा थी। इसका मुख्य कारण देश में कोविड संबंधित बाधाएं थी। सर्वेक्षण के अनुसार, बेरोजगारी दर पिछले साल जुलाई-सितंबर और अक्टूबर-दिसंबर में 7.2 प्रतिशत थी। वहीं अप्रैल-जून, 2022 में यह 7.6 प्रतिशत थी। निश्चित अवधि पर होने वाले 18वें श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 15 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में बेरोजगारी दर अप्रैल- जून, 2022 में 7.6 प्रतिशत थी। आंकड़ों से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में महिलाओं (15 साल और उससे अधिक) में बेरोजगारी दर जनवरी-मार्च, 2023 में घटकर 9.2 प्रतिशत पर आ गयी जो एक साल पहले इसी तिमाही में 10.1 प्रतिशत थी। वहीं पुरुषों में शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर इस साल पहली तिमाही में कम होकर छह प्रतिशत रही जो एक साल पहले 2022 की जनवरी-मार्च तिमाही में 7.7 प्रतिशत थी। 

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