सरकारी बयान के अनुसार, कुल मिलाकर ये आंकड़े मजबूत श्रम बाजार की स्थितियों का संकेत देते हैं, जिन्हें ग्रामीण रोजगार और महिला भागीदारी में बढ़ोतरी और शहरी श्रम मांग में क्रमिक सुधार का समर्थन मिला है।
वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर एक वीडियो पोस्ट की गई है। इस पोस्ट में बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत सभी 10वीं पास बेरोजगारों को हर महीने 3500 रुपये का भत्ता दिए जाने का दावा किया जा रहा है।
ताजा सर्वे के मुताबिक, पिछले महीने पुरुषों में बेरोजगारी दर 5.6 प्रतिशत रही, जबकि महिलाओं में थोड़ी अधिक 5.8 प्रतिशत थी।
वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) में इकट्ठा किए गए आंकड़ों से पता चला है कि अप्रैल, 2025 के दौरान प्रत्येक आयु वर्ग के लोगों की बेरोजगारी दर 5.1 प्रतिशत रही।
शहरी क्षेत्रों में महिलाओं (15 वर्ष और उससे अधिक आयु) के बीच बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर 2024 में घटकर 8.1 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 8.6 प्रतिशत थी।
अमेरिका द्वारा जारी किए गए आर्थिक आंकड़ों के बाद मंदी का जोखिम बढ़ने की संभावना गहरा गई है। जिसकी वजह से निवेशक शेयर बेचकर पैसा निकाल रहे हैं।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के ताजा आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में महिला बेरोजगारी दर जनवरी-मार्च 2023 में 9.2 प्रतिशत से घटकर जनवरी-मार्च 2024 में 8.5 प्रतिशत हो गई है।
श्रमबल जनसंख्या का वह समूह है जो वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन के लिए आर्थिक गतिविधियां तेज करने को श्रम की आपूर्ति करता है या आपूर्ति करने की पेशकश करता है।
Unemployment rate in India : पुरुषों के लिए बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर, 2022 के 6.5 प्रतिशत से घटकर अक्टूबर-दिसंबर, 2023 में 5.8 प्रतिशत रह गई। महिलाओं के लिए बेरोजगारी की दर 9.6 प्रतिशत से घटकर 8.6 प्रतिशत रह गई।
देश तेजी से विकास कर रहा है लेकिन बेरोजगारी की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है। अभी भी कई राज्यों में बेरोजगारी चरम पर है। एनएसएसओ के तजा आंकड़ों से इसकी जानकारी मिली है।
उन्होंने कहा कि अप्रैल की तुलना में मई में श्रम भागीदारी दर (एलपीआर) 1.1 प्रतिशत घटकर 39.6 प्रतिशत रह गई। उन्होंने आगे कहा, ''मई में एलपीआर में इस गिरावट की उम्मीद थी, क्योंकि अप्रैल में बड़ी संख्या में लोगों ने श्रम बल में प्रवेश किया था।
Unemployment Hits 50 Year Low in US and Inflation Bent: दुनिया भर में छाई वैश्विक मंदी के बीच अमेरिका से अच्छी खबर आई है। दिसंबर के महीने में अमेरिका में बेरोजगारी दर 50 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
बेरोजगारी के उच्च स्तर पर पहुंचने पर कड़ी आलोचनाओं के बीच शनिवार को आए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों में सामने आया है कि देश में शहरी बेरोजगारी की दर जनवरी-मार्च 2019 की अवधि में घटकर 9.3 प्रतिशत रही।
नोटबंदी के बाद देश में डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन मिला और आधार कार्ड से इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) किए जाने से इसमें काफी वृद्धि हुई।
भाजपा की अगुवाई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद जारी बेरोजगारी दर के आंकड़ों के अनुसार, देश में बेरोजगारी दर जुलाई 2017 से लेकर जून 2018 के दौरान एक साल में 6.1 फीसदी रही जोकि पिछले 45 साल का सर्वाधिक ऊंचा स्तर है।
चीन ने 2017 की पहली तिमाही में 33.4 लाख नए रोजगार पैदा किए हैं। नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक यह पिछले साल के मुकाबले 1,60,000 अधिक है।
चीन ने इस साल शहरी नागरिकों के लिए आर्थिक मंदी के बावजूद 1.1 करोड़ नई नौकरियों के सृजन का लक्ष्य तय किया है। दूसरी ओर उपभोक्ता महंगाई दर 0.8 फीसदी घटी है।
बेरोजगारी की दर अगस्त, 2016 के 9.5 प्रतिशत से घटकर फरवरी, 2017 में 4.8 प्रतिशत पर आ गई। सबसे ज्यादा गिरावट उत्तर प्रदेश में आई है।
लेटेस्ट न्यूज़