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दो बड़े सरकारी बैंक सहित इस प्राइवेट बैंक पर RBI ने लगाया मोटा जुर्माना, वजह यहां जान लें

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Feb 26, 2024 11:08 pm IST,  Updated : Feb 26, 2024 11:08 pm IST

इन बैंकों पर नियामकीय मानदंडों के उल्लंघन को लेकर यह एक्शन लिया गया। एसबीआई पर ही सिर्फ दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

केनरा बैंक पर भी 32.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।- India TV Hindi
केनरा बैंक पर भी 32.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। Image Source : FILE

भारत के केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने दो सरकारी बैंकों - एसबीआई और केनरा बैंक सहित प्राइवेट सेक्टर के सिटी यूनियन  बैंक पर 3 करोड़ रुपये का मोटा जुर्माना  लगाया है। रिजर्व बैंक ने सोमवार को जारी अपने बयान में कहा कि इन बैंकों पर नियामकीय मानदंडों के उल्लंघन को लेकर यह एक्शन लिया गया। भाषा की खबर के मुताबिक, आरबीआई ने कहा कि जमाकर्ता शिक्षा जागरुकता कोष योजना, 2014 से संबंधित कुछ मानदंडों के उल्लंघन के लिए एसबीआई पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

सिटी यूनियन बैंक पर 66 लाख रुपये का लगाया जुर्माना

खबर के मुताबिक, इसके अलावा इनकम पहचान, संपत्ति वर्गीकरण और कर्ज से संबंधित प्रावधान, फंसे कर्ज (एनपीए) को लेकर प्रावधान और अपने ग्राहक को जानों से जुड़े भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के कुछ निर्देशों का अनुपालन न करने को लेकर सिटी यूनियन बैंक लिमिटेड पर 66 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आरबीआई ने कुछ निर्देशों का अनुपालन नहीं करने के मामले में केनरा बैंक पर भी 32.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

जुर्माना नियामकीय अनुपालन में कमियों को लेकर लगाया गया

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से संबंधित कुछ प्रावधानों का पालन नहीं करने पर ओडिशा में राउरकेला के ओशन कैपिटल मार्केट लि.पर 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आरबीआई ने साफ कहा है कि जुर्माना नियामकीय अनुपालन में कमियों को लेकर लगाया गया है। बैंक और ग्राहकों के बीच लेन-देन या समझौते से इसका कोई लेना-देना नहीं है। इसके अलावा, सरकार ने जीएसटी नेटवर्क को रजिस्टर्ड कारोबारों की सहमति पर उनके आंकड़े रिजर्व बैंक के 'पब्लिक टेक प्लेटफॉर्म फॉर फ्रिक्शनलेस क्रेडिट' के साथ शेयर करने की परमिशन दे दी है। इससे फैसले से कारोबारी इकाइयों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित साझा जानकारी के आधार पर तेजी से कर्ज पाने में मदद मिलेगी।

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