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5G शुरू करने के टारगेट से चूकने पर इन दो कंपनियों पर लग सकता है भारी जुर्माना, जानें पूरा मामला

 Published : Jan 23, 2024 09:12 am IST,  Updated : Jan 23, 2024 11:29 am IST

वोडाफोन आइडिया को जहां करीब 14 करोड़ रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है, वहीं अडाणी डेटा नेटवर्क्स पर करीब 5-6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

 वोडाफोन आइडिया और अदानी समूह के अदानी डेटा नेटवर्क्स को कारण बताओ नोटिस भेजा है। - India TV Hindi
वोडाफोन आइडिया और अदानी समूह के अदानी डेटा नेटवर्क्स को कारण बताओ नोटिस भेजा है। Image Source : FILE

दूरसंचार विभाग ने  5जी स्पेक्ट्रम से संबंधित न्यूनतम रोलआउट दायित्वों को पूरा करने में विफल रहने के लिए वोडाफोन आइडिया और अदानी समूह के अदानी डेटा नेटवर्क्स को कारण बताओ नोटिस भेजा है। इस नोटिस में विभाग ने पूछा है कि क्यों न आप पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, अधिकारियों ने तो कहा है कि अधिकारियों ने बताया कि वोडाफोन आइडिया को जहां करीब 14 करोड़ रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है, वहीं अडाणी डेटा नेटवर्क्स पर करीब 5-6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

देरी की वजह क्या है बताएं

खबर के मुताबिक,दूरसंचार विभाग ने नोटिस में यह भी कहा है कि देरी की वजह क्या है और 5जी सेवाएं शुरू करने की नई डेडलाइन क्या है। हालांकि, वोडाफोन आइडिया और अदानी डेटा नेटवर्क्स ने इनसे जुड़े सवालों का जवाब नहीं दिया। पहले साल 5G रोलआउट दायित्वों के मुताबिक, ऑपरेटरों को मेट्रो के साथ-साथ गैर-मेट्रो सर्कल में कहीं भी व्यावसायिक रूप से सेवाएं शुरू करनी थीं। इसका मतलब है कि दिल्ली जैसे सर्कल में सेवाएं सिर्फ एक क्षेत्र में उपलब्ध कराई जा सकती हैं, पूरे शहर में नहीं। गैर-मेट्रो सर्कल में, कम से कम एक शहर में ऐसा ही करने की जरूरत है।

देश के एक भी शहर में 5जी सेवाएं लॉन्च नहीं की

एक साल से अधिक समय के बाद, वोडाफोन आइडिया और अदानी डेटा नेटवर्क दोनों ने अभी तक देश के एक भी शहर में व्यावसायिक रूप से 5जी सेवाएं लॉन्च नहीं की हैं। अदानी के लिए, स्पेक्ट्रम की तैनाती बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स, बिजली उत्पादन आदि में डेटा इस्तेमाल के लिए निजी कैप्टिव नेटवर्क के लिए होगी, न कि उपभोक्ता गतिशीलता के लिए। पिछले साल अगस्त में, वोडाफोन आइडिया ने कहा था कि कंपनी ने न्यूनतम रोलआउट दायित्व को पूरा करने के लिए 17 सर्किलों (जहां उसने स्पेक्ट्रम खरीदा था) में से दो में कुछ न्यूनतम निवेश किए थे। हालांकि, इसने अभी तक सेवाओं को व्यावसायिक रूप से लॉन्च नहीं किया है।

कंपनी की वेबसाइट पर क्या हैं संकेत

वोडाफोन आइडिया ने आधिकारिक तौर पर अपने 5G रोलआउट के बारे में बात नहीं की है, इसकी वेबसाइट कहती है कि पुणे और दिल्ली में चुनिंदा स्थानों पर 5G लाइव के साथ भारत में Vi 5G नेटवर्क की क्षमता का अनुभव करने के लिए तैयार हो जाइए। Vi 5G रेडी सिम के साथ निर्बाध कनेक्टिविटी की बात भी लिखता है। जुलाई 2022 में आयोजित 5G स्पेक्ट्रम नीलामी में, अदानी डेटा ने 26 गीगाहर्ट्ज बैंड में 400 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम 212 करोड़ रुपये में खरीदा। कंपनी के पास गुजरात और मुंबई में 100 मेगाहर्ट्ज 5जी स्पेक्ट्रम और आंध्र प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु में 50 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम हैं।

लॉन्च करने में देरी को फंडिंग की कमी बताया

वोडाफोन आइडिया के लिए, 5G सेवाओं को लॉन्च करने में देरी को फंडिंग की कमी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। नवंबर 2023 तक, एयरटेल और जियो दोनों ने करीब 400,000 5G साइटें सेट अप की हैं। Jio का दावा है कि उसने पूरे भारत में 5G रोलआउट तय समय से पहले पूरा कर लिया है, जबकि एयरटेल मार्च तक इसे पूरा करना चाहता है। उद्योग के अनुमान के मुताबिक, फिलहाल एयरटेल और जियो नेटवर्क पर 5जी ग्राहकों की संख्या संयुक्त रूप से 150 मिलियन के आंकड़े को पार कर गई है।

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