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IPO तक तो ठीक था अब ये FPO क्या बला है? अडानी ग्रुप करने जा रहा ऑफर

 Published : Jan 25, 2023 08:56 pm IST,  Updated : Jan 25, 2023 08:56 pm IST

FPO Adani Group offer: अडाणी एंटरप्राइजेस ने कहा है कि FPO बहुत ही सही समय पर लाया जा रहा है। यह ग्रुप के 10 वर्षीय कैपिटल प्लानिंग का हिस्सा है। आइए जानते हैं यह क्या है?

what is FPO how it work Adani Group- India TV Hindi
IPO तक तो ठीक था अब ये FPO क्या बला है? Image Source : INDIA TV

FPO Adani Group Offer: भारतीय शेयर बाजार के बारे में अगर थोड़ी-बहुत भी जानकारी रखते हैं तो आईपीओ के बारे में आपको जरूर बता होगा। बता दें, आईपीओ कोई कंपनी तब लाती है जब उसे सेबी के तरफ से उसे इसकी मंजूरी मिलती है, लेकिन FPO क्या होता है? इसे कब लाया जाता है? अडानी ग्रुप ने अचानक से FPO लाने का ऐलान क्यों कर दिया है? यह एक नया सवाल है जो आजकल चर्चा में है। आज से ठीक 29 साल पहले 1994 में जब ग्रुप का पहला IPO आया था, तब अडाणी एंटरप्राइज़ में निवेश किया हुआ एक रूपया 37% CAGR से बढ़ा है, जबकि इसी दौरान भारतीय स्टॉक मार्केट में मात्र 10% CAGR की वृद्धि हुई है। अब कंपनी FPO लाने जा रही है।     

FPO के लिए यह है बहुत ही सही समय

अडाणी एंटरप्राइजेस ने कहा है कि FPO बहुत ही सही समय पर लाया जा रहा है। यह ग्रुप के 10 वर्षीय कैपिटल प्लानिंग का हिस्सा है जो कंपनी के Fully Funded और De-Risked Growth Plan के अनुरूप है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य भारतीय रिटेल निवेशकों की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाने का है। इस FPO के माध्यम से कंपनी की सुनहरी यात्रा में हर भारतीय की भागीदारी संभव होगी।  हमारी नीति एक लाभकारी कंपनी के साथ सामाजिक रूप से एक ज़िम्मेदार कंपनी बने रहने की भी हैं। इस नीति के चलते ही ESG के क्षेत्र में हमारी विभिन्न कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन के कारण हमें Dow Jones Sustainability Emerging Market Index में शामिल किया गया है, और यह गर्व का विषय है कि हम इस index में शामिल होनेवाली भारत की एकमात्र कंपनी हैं।

क्या होता है एफपीओ

जब एक सूचीबद्ध कंपनी जनता के लिए आगे प्रतिभूतियां जारी करती है तो इसे फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) बनाने वाली कहा जाता है। सूचीबद्ध कंपनी विस्तार या प्रमोटर होल्डिंग के आगे कमजोर पड़ने की कंपनी की जरूरत को पूरा करने के लिए अतिरिक्त इक्विटी पूंजी जुटाने के लिए ऐसा करती है। इसे Diluting Offer और Non-Diluting Offer के रूप में जाना जाता है। Diluting Offer के मामले में जुटाई गई धनराशि कंपनी के मूल्य में बदलाव नहीं करती है, जिसका अर्थ है कि कंपनी की प्रति शेयर कमाई में कमी आई है।

नॉन-डायल्यूटिव पेशकश के मामले में जुटाई गई पूंजी कंपनी के संस्थापकों या बड़े शेयरधारकों के पास जाती है न कि कंपनी के पास, जिसका अर्थ है कि कंपनी की प्रति शेयर कमाई अप्रभावित रहती है। मार्च 2021 में आशापुरी गोल्ड ऑर्नामेंट लिमिटेड ने 81 रुपये के ऑफर मूल्य के साथ 3 से 8 मार्च 2021 के बीच एक एफपीओ पेश किया था। एफपीओ ज्यादातर कंपनी के संचालन के विस्तार की ओर कदम होता है।

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