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Hyundai IPO: हुंडई आईपीओ में पैसा लगाने से कतरा रहे निवेशक, दो दिन बाद मिला सिर्फ इतना सब्सक्रिप्शन

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Oct 17, 2024 06:56 am IST,  Updated : Oct 17, 2024 06:56 am IST

दो दिन बीत जाने के बाद भी इस आईपीओ को सिर्फ 42 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन ही मिला है। जहां एक तरफ कुछ आईपीओ खुलने के कुछ घंटों में ही पूरी तरह से सब्सक्राइब हो जाते हैं, वहीं दूसरी ओर ये आईपीओ दो दिन में आधा भी सब्सक्राइब नहीं हुआ है।

हुंडई के आईपीओ को नहीं मिल रहे निवेशक- India TV Hindi
हुंडई के आईपीओ को नहीं मिल रहे निवेशक Image Source : FREEPIK

Hyundai IPO Subscription Status: दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी हुंडई मोटर इंडिया का आईपीओ मंगलवार, 15 अक्टूबर को खुला था। आज यानी गुरुवार, 17 अक्टूबर को इस आईपीओ को सब्सक्राइब करने का तीसरा और आखिरी दिन है। बुधवार, 16 अक्टूबर को इस आईपीओ का दूसरा दिन था। आपको जानकर हैरानी होगी कि निवेशक हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ में पैसा लगाने से कतरा रहे हैं। 

2 दिन में सिर्फ 0.42 गुना सब्सक्रिप्शन

दो दिन बीत जाने के बाद भी इस आईपीओ को सिर्फ 42 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन ही मिला है। जहां एक तरफ कुछ आईपीओ खुलने के कुछ घंटों में ही पूरी तरह से सब्सक्राइब हो जाते हैं, वहीं दूसरी ओर ये आईपीओ दो दिन में आधा भी सब्सक्राइब नहीं हुआ है।

भारत का सबसे बड़ा आईपीओ

एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक 27,870 करोड़ रुपये वाले इस आईपीओ के तहत 9,97,69,810 शेयरों की ऑफरिंग के लिए अभी तक सिर्फ 4,17,21,442 शेयरों के लिए ही सब्सक्रिप्शन मिला है। बताते चलें कि ये भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले सरकारी इंश्योरेंस कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का 21,000 करोड़ रुपये का आईपीओ आया था।

सिर्फ कंपनी के कर्मचारियों ने दिखाई दिलचस्पी

बुधवार तक हुंडई के आईपीओ ने सिर्फ एम्प्लॉई कैटेगरी में ही 131 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन हासिल किया है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशन्स ने इस आईपीओ के लिए अभी तक 58 प्रतिशत, नॉन-इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने 26 प्रतिशत, रिटेल इंवेस्टर्स ने अपने कैटेगरी में 38 प्रतिशत ही सब्सक्राइब किया है। इसका सीधा मतलब ये हुआ कि हुंडई के आईपीओ को कर्मचारियों के अलावा किसी भी कैटेगरी के निवेशकों से कोई भाव नहीं मिल रहा है।

पूरी तरह से ओएफएस बेस्ड है ये आईपीओ

बताते चलें कि दक्षिण कोरियाई कंपनी की भारतीय यूनिट ने अपने इस आईपीओ के तहत प्रत्येक शेयर के लिए 1865-1960 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। ये आईपीओ पूरी तरह से ओएफएस बेस्ड हैं, जिसमें कंपनी के प्रोमोटर ही अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इस आईपीओ में कोई फ्रेश शेयर नहीं जारी होंगे। साल 2003 में मारुति सुजुकी के बाद ये किसी ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी का पहला आईपीओ है।

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