1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बाजार
  4. Market Expert से जानिए, मंथली एक्सपायरी के हफ्ते में सोमवार से कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल?

Market Expert से जानिए, मंथली एक्सपायरी के हफ्ते में सोमवार से कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल?

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Mar 27, 2022 11:32 am IST,  Updated : Mar 27, 2022 11:36 am IST

मीणा ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव तथा आपूर्ति-पक्ष की चिंता में कच्चे तेल के दाम फिर ऊंचाई पर पहुंच गए है। यदि इनमें और तेजी आती है, तो यह भारतीय बाजार की चिंता बढ़ाएगा।

stock market - India TV Hindi
stock market  Image Source : FILE

Highlights

  • इस सप्ताह मार्च के वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) अनुबंधों का निपटान
  • रूस-यूक्रे की वजह से अनिश्चितता कायम है और इससे बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा
  • विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश के रुख का भी असर देखने को मिलेगा

नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन संघर्ष, मासिक डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान (मंथली एक्सपायरी) और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से इस सप्ताह शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव रहने के आसार है। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति-पक्ष की चिंताएं निवेशकों की धारणा को प्रभावित करती रहेंगी। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लि.के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, इस सप्ताह मार्च के वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) अनुबंधों का निपटान है, जिससे बाजार के दायरे के बारे में दिशा मिलेगी। वैश्विक बाजारों में भी अब सुधार और कुछ स्थिरता दिख रही है। हालांकि, रूस-यूक्रेन के मुद्दे की वजह से अभी अनिश्चितता कायम है और इससे बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा।

कच्चे तेल में उछाल बाजार को प्रभावित करेंगे 

मीणा ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव तथा आपूर्ति-पक्ष की चिंता में कच्चे तेल के दाम फिर ऊंचाई पर पहुंच गए है। यदि इनमें और तेजी आती है, तो यह भारतीय बाजार की चिंता बढ़ाएगा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च माह के डेरिवेटिव अनुबंधों के निपटान की वजह से इस सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। 

वाहन कंपनियों के बिक्री आंकड़ों पर भी नजर 

रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, बाजार भागीदारों की निगाह एक अप्रैल को आने वाले वाहन कंपनियों के बिक्री आंकड़ों पर भी रहेगी। वैश्विक मोर्चे पर रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े घटनाक्रमों पर सभी की निगाह रहेगी। कच्चे तेल की कीमतों पर भी निवेशक विशेष निगाह रखेंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा बाजार का रुख रुपये के उतार-चढ़ाव तथा विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश के रुख से भी तय होगा। रूस-यूक्रेन संघर्ष में किसी तरह की कमी नहीं आने के बीच बीते सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब एक प्रतिशत की गिरावट आई। इससे पिछले दो सप्ताह के दौरान इनमें लाभ दर्ज हुआ था। 

बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा

सैमको सिक्योरिटीज में इक्विटी शोध प्रमुख येशा शाह ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा। चालू वित्त वर्ष के अंतिम मासिक निपटान के चलते बाजार की दिशा प्रभावित होगी। विश्लेषकों का कहना है कि अनिश्चितता के बावजूद बाजार जुझारू क्षमता दिखा रहा है। हालांकि, वैश्विक धारणा में कमजोरी का यहां भी असर पड़ सकता है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, घरेलू बाजार वैश्विक घटनाक्रमों से दिशा लेगा। युद्ध समाप्त होने और कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने से भारत अपनी जुझारू क्षमता को कायम रख सकता है। हालांकि, लघु अवधि में उतार-चढ़ाव चिंता का विषय रहेगा।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Market से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा