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EPFO सब्सक्राइबर के लिए 6 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर, जानिये क्या हैं नियम और शर्तें

 Written By: Sarabjeet Kaur
 Published : Jun 10, 2020 08:33 pm IST,  Updated : Jun 10, 2020 08:36 pm IST

इंश्योरेंस कवर के लिए कर्मचारी को नहीं देनी होती है अलग से कोई भी राशि

EPFO- India TV Hindi
EPFO Image Source : GOOGLE

नई दिल्ली। EPFO में जमा होने वाली रकम से होने वाले फायदे के बारे तो हर कर्मचारी को मालूम होता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि EPF और EPS (पेंशन स्कीम) के अलावा आपको जीवन बीमा का लाभ भी मिलता है। जितने भी सब्सक्राइब्ड कर्मचारी होते हैं उन्हें सब्सक्राइबर इम्प्लाइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम, 1976 यानी की EDLI के तहत 6 लाख रुपये का इंश्योरेंस क्लेम मिलता है। तो क्या आपको भी पता है कैसे मिलता है EPFO खाते के जरिए 6 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस क्लेम? साथ ही कैसे उठा सकते हैं आप इसका फायदा? जानिए हमारे इस खास रिपोर्ट के जरिए।

कैसे मिलता है 6 लाख का इंश्योरेंस कवर?

·   हर ऑर्गनाइज्ड सेक्टर या कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी को EPFO खाते के साथ फ्री में मिलता है 6 लाख रुपये का कवर

·   पीएफ खाते के साथ ही इंश्योरेंस को लिंक किया जाता है

·   इंश्योरेंस कवर के लिए किसी भी कर्मचारी को अलग से कोई भी जमा राशि नहीं देनी होती है

·   EPFO अपने सभी मेंबर्स को इंश्योरेंस कवर देता है

·   किसी कर्मचारी की मौत हो जाने पर उसके नॉमिनी को इंश्योरेंस कवर मिलता है

·   पहले इंश्योरेंस कवर की क्लेम राशि 3,60,000 रुपये थी जिसे साल 2015 में बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया गया है

कंपनी करती है EDLI स्कीम में कंट्रिब्यूशन?

·   हर ऑर्गनाइज्ड सेक्टर या कंपनी में कर्मचारी की बेसिक सैलरी से EPF रकम काटी जाती है साथ ही उतनी ही हिस्सा एम्पलॉयर का भी होता है

·   12 फीसदी तक बेसिक सैलरी से और बाकी 12 फीसदी (दो हिस्सो में) एम्पलॉयर जमा करता है

·   हर कंपनी EPF में 3.67 फीसदी रकम और EPS में 8.33 फीसदी रकम जमा करती है

·   कर्मचारी को अलग से कोई भी प्रीमियम इंश्योरेंस के लिए जमा नहीं करना पड़ता है

·   इंश्योरेंस प्रीमियम रकम को सैलरी से ही काटा जाता है। बेसिक सैलरी और भत्ते का मिलाकर 0.50 प्रतिशत होता है

कैसे कर सकते है इंश्योरेंस क्लेम?

·   इस इंश्योरेंस को क्लेम कर्मचारी के मृत्यु के बाद ही किया जा सकता है

·   शर्त ये है कि दावा करने वाला उस व्यक्ति या कर्मचारी के परिवार का सदस्य होना चाहिए और नॉमिनी में उसका नाम होना चाहिए

·   कर्मचारी के मृत्यु के प्रमाण पत्र के अलावा, कुछ अन्य जरूरी कागजातों के साथ बैंक अकाउंट की जानकारी को जमा करना होता है

·   इंश्योरेंस कवर को क्लेम करने के फॉर्म को नियोक्ता या किसी गजटेड अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाता है

·   मृतक कर्मचारी को EPFO का सदस्य होना अनिवार्य है साथ ही जिस कंपनी में मृतक ने कार्य किया हो वहां खाता चालू रहना चाहिए। रिटारमेंट से पहले मृत्यु हुई हो तब ही क्लेम किया जा सकता है

·   परिवार को इंश्योरेंस दावा करने के लिए 18 वर्ष का होना अनिवार्य है

कुछ अहम बातों का रखें ध्यान:

·   इंश्योरेंस क्लेम की गणना EDLI स्कीम के मुताबिक कर्मचारी के आखिरी सैलरी पर तय होती है

·   EDLI के नियमों के मुताबिक सैलरी की अधिकतम सीमा 15,000 रुपये तक की है

·   इंश्योरेंस कवर का क्लेम आखिरी सैलरी का 30 गुना होता है। जिसे बेसिक सैलरी के साथ महंगाई भत्ता के साथ जोड़कर तय किया जाता है

·   इसके साथ ही कर्मचारी को 1.50 लाख रुपये का बोनस दिया जाता है

·   अगर 6 लाख रुपये के इंश्योरेंस क्लेम कवर को कैलकुलेट करें तो [(30*15000)+1,50,000] का होगा

·   पीएफ खाते के उत्तराधिकारी को हक होता है कि वो पूरे फॉर्म के डिटेल्स को भरके इंश्योरेंस कवर क्लेम आसानी से ले सकता है।

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