Government approved proposal of payment of 7th Central Pay Commission allowances to the gonment employees of J&K and Ladakh
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का उपहार 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देकर दिया है। उल्लेखनीय है कि 31 अक्टूबर, 2019 से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन जाएंगे।
केंद्र सरकार ने नए बनने वाले केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार भुगतान देने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। अब इन दोनों केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार वेतन व भत्ते मिलेंगे।
गृहमंत्री अमित शाह ने 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इस कदम से कश्मीरियों को मुख्य धारा में लाने में काफी मदद मिलेगी।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इस कदम से 4.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा, जो वर्तमान में जम्मू एवं कश्मीर सरकार के तहत काम कर रहे हैं। सरकार ने कहा है कि 31 अक्टूबर, 2019 से यह सभी कर्मचारी केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कर्मचारी बन जाएंगे।
4.5 लाख कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के मुताबिक वेतन देने से सरकारी खजाने पर 4800 करोड़ रुपए का बोझ आएगा। अब इन सभी कर्मचारियों को चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस, हॉस्टल अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, एलटीसी, फिक्स्ड मेडीकल अलाउंस और अन्य लाभ मिल सकेंगे।
सरकारी आदेश में कहा गया है कि चिल्ड्रन एजूकेशन अलाउंस में 607 करोड़ रुपए, हॉस्टल अलाउंस में 1823 करोड़ रुपए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, लीव ट्रैवल कनसेंशन (एलटीसी) और फिक्स्ड मेडीकल अलाउंस में क्रमश: 1200 करोड़, 1000 करोड़ और 108 करोड़ रुपए खर्च होंगे। अन्य भत्तों पर 62 करोड़ रुपए खर्च होंगे।






































