Saturday, January 17, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. बीजेपी नेता ने चुनाव आयोग से की मांग, EVM से हटाए जाएं पार्टियों के सिंबल, उम्मीदवारों के बारे में जानकारी दी जाए

बीजेपी नेता ने चुनाव आयोग से की मांग, EVM से हटाए जाएं पार्टियों के सिंबल, उम्मीदवारों के बारे में जानकारी दी जाए

भारतीय जनता पार्टी के नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ईवीएम मशीन पर से पार्टियों के सिंबल हटा दिए जाएं।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : Oct 18, 2019 07:53 am IST, Updated : Oct 18, 2019 07:53 am IST
Replace party symbols on EVM with candidate information, demands BJP leader | PTI File- India TV Hindi
Replace party symbols on EVM with candidate information, demands BJP leader | PTI File

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ईवीएम मशीन पर से पार्टियों के सिंबल हटा दिए जाएं। उपाध्याय की मांग है कि पार्टियों के चुनाव निशान की जगह उम्मीदवारों के नाम, फोटो और शैक्षिक योग्यता का विवरण हो। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर हर प्रत्याशी के साथ समानता का बर्ताव होगा। उपाध्याय का मानना है कि अभी निर्दलीय उम्मीदवारों को प्रमुख पार्टियों के सिंबल पर चुनाव लड़ने वालों से नुकसान उठाना पड़ता है। 

चुनाव आयोग में दाखिल की 21 पेज की याचिका

चुनाव आयोग में दाखिल 21 पेज की याचिका में उपाध्याय ने मुख्य चुनाव आयुक्त से आर्टिकल 324 के अधिकारों का उपयोग करते हुए ईवीएम से पार्टियों के चुनाव चिन्ह हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि यह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है। उपाध्याय का कहना है कि कई बार पार्टियां गलत उम्मीदवार उतारती हैं। पार्टी और उसके अध्यक्ष को पसंद करने पर मतदाता गलत उम्मीदवार को भी वोट देने को मजबूर होता है। यही वजह है कि ज्यादातर उम्मीदवार अपनी क्षमताओं नहीं बल्कि पार्टी के चुनाव चिह्न् के आधार पर जीत जाते हैं जिससे चुनाव से जुड़ी मंशा प्रभावित होती है।

‘इस फॉर्मूले से खत्म होगी पार्टियों की मनमानी’
उपाध्याय का दावा है कि उनके फॉर्मूले को अपनाने से टिकट वितरण में राजनीतिक दलों के प्रमुखों की मनमानी खत्म होगी, वे सही उम्मीदवार उतारने को मजबूर होंगे। उम्मीदवार आधारित चुनाव प्रक्रिया होने से अच्छे जनप्रतिनिधि मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को अपनाने से भ्रष्टाचार, अपराधीकरण, जातिवाद, संप्रदायवाद और भाई-भतीजावाद खत्म होगा। उपाध्याय ने चुनाव सुधारों से जुड़ी लंबित सिफारिशें भी लागू करने की मांग की। उपाध्याय का कहना है कि हमारे संविधान में सांसद और विधायक का जिक्र है मगर राजनीतिक दलों और चुनाव चिन्हों के बारे में बात नहीं है, मगर चुनाव प्रक्रिया राजनीतिक दलों के हिसाब से चल रही है। (IANS)

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement