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Alert ! क्या दुकानदार फर्जी GST जोड़कर लगा रहा है चूना, जानिए कैसे रहें सावधान

देश की कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए मोदी सरकार वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी लागू कर चुकी है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: November 23, 2020 12:23 IST
GST - India TV Paisa
Photo:FILE

GST 

देश की कर व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए मोदी सरकार वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी लागू कर चुकी है। इसके तहत सरकार ने कई सेवाओं के लिए अलग अलग जीएसटी की दरें लागू की हैं, वहीं बहुत से वस्तुओं और सेवाओं को जीएसटी की दरों से बाहर भी रखा है। आम लोगों की जीएसटी दरों को लेकर इसी अनिभिज्ञता का फायदा दुकानदार उठाते हैं और आम लोगों से ज्यादा जीएसटी वसूल करते हैं। जीएसटी चोरी का सबसे अधिक सामना आम लोगों को होटल या रेस्टोरेंट्स में होता है।  

सरकार के नियमों के अनुसार GST के मामले में छोटे रेस्टोरेंट्स के लिए कुछ अलग से नियमों में छूट दी है। इस छूट में सरकार ने सालाना 20 लाख रुपये से कम के व्यापार वाले रेस्टोरेंट्स को GST के लिए रजिस्ट्रेशन से छूट दी है। इसका मतलब यह हुआ कि छोटे रेस्टोरेंट्स को न तो GST के लिए रिटर्न भरना है और ना ही उन्हें उपभोक्ताओं से GST वसूल करने का अधिकार है। लेकिन इसके बावजूद छोटे रेस्टोरेंट्स ग्राहकों से पूरा GST वसूलते हैं और चूंकि वे छूट के दायरे में हैं इसलिए सरकार को इसमें से कुछ भी अदा नहीं करते हैं। आईए जानते हैं जीएसटी को लेकर सरकार के नियम क्या हैं: 

जिन रेस्टोरेंट की सालाना कमाई 20 लाख से अधिक है, उन्हें सरकार की वेबसाइट पर अपने आपको रजिस्टर करना होगा। इसके साथ ही उन्हें जो जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा उसे उन्हें ग्राहकों को उपलब्ध कराए जाने वााले बिल में प्रकाशित करना होगा। 

इस प्रकार यदि कोई रेस्टोरेंट सरकार के पास रजिस्टर नहीं है उसके बिल में जीएसटी नंबर नहीं लिखा होगी। वहीं यदि रेस्टोरेंट ने आपको फर्जी जीएसटी नंबर लिखकर बिल थमाया है तो इस धोखाधड़ी को आप जीएसटी की वेबसाइट से पता लगा सकते हैं। ऐसे किसी भी फर्जी GST रजिस्ट्रेशन नम्बर का पता लगाने के लिए आपको एक सरकारी साईट पर क्लिक करके उस नंबर को भरना होगा जिससे आपको यह पता चल जायेगा कि वह रेस्टोरेंट GST वसूल करने का हक रखता है या नही. साईट का लिंक है: https://services.gst.gov.in/services/searchtp

कौन से रेस्टोरेंट्स 5% की दर से GST लगा सकते हैं:

  • i.   गैर-एयर कंडीशनर वाला रेस्टोरेंट्स 
  • ii.  सड़क के किनारे रेस्टोरेंट्स जो शराब नहीं परोसते हैं
  • iii.  लोकल डिलिवरी रेस्टोरेंट्स 
  • IV.  पूर्ण एयर कंडीशनिंग वाले रेस्टोरेंट्स (शराब के साथ या बिना)
  • V.  गैर-एयर कंडीशनर रेस्टोरेंट्स जो शराब परोसते हैं
  • VI. रेस्तरां द्वारा दी जाने वाली सर्विस और किसी होटल (जिसका टैरिफ 7,500 से कम हो) के भीतर मौजूद रेस्टोरेंट्स द्वारा रूम सर्विस पर भी 5% की दर से GST लगाया जायेगा
  • VII. यदि कोई खाद्य पदार्थ कैफेटेरिया/कैंटीन/ऑफिस,औद्योगिक इकाई, स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, आदि में अनुबंध के आधार पर संचालित होता है तो ऐसी जगहों पर किसी भी खाद्य / पेय (गैर-मादक) पर 5% की दर से जीएसटी लगाया जाता है
  • VIII. भारतीय रेलवे/ आईआरसीटीसी द्वारा प्रदान की जाने वाली भोजन / खाद्य सेवाओं पर और उनके द्वारा गाड़ियों और प्लेटफार्मों पर लगने वाले स्टाल्स पर भी 5% जीएसटी लगाया जाता है

याद रखें कि जिन होटलों का रूम किराया 7500 से अधिक होता है उन पर रेस्तरां वाली सेवाएँ देने के लिए 18% की दर से GST लगाया जाता है। इसके साथ ही क्लब गेस्ट हाउस इत्यादि के अन्दर मौजूद रेस्तरां पर 18% की दर से GST लगाया जाता है। 

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