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Hindi News हेल्थ Fitness in Monsoon: मानसून में नहीं जा सकते जिम! फिटनेस के लिए करिए ये 7 योगासन

Fitness in Monsoon: मानसून में नहीं जा सकते जिम! फिटनेस के लिए करिए ये 7 योगासन

Fitness in Monsoon: बारिश के मौसम में हम कई बार वॉक पर जाना या जिम जाना मिस कर देते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में फिट रहने में ये 7 इनडोर योगासन आपकी मदद कर सकते हैं। 

Yogasan for Monsoon- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO Yogasan for Monsoon

Highlights

  • मानसून में ना करें फिटनेस से समझौता
  • ये योगासन रखेंगे आपको चुस्त-दुरुस्त

Fitness in Monsoon: प्रकृति को महसूस करने के लिए सबसे अच्छा समय मानसून के दौरान होता है। हालांकि, मानसून हमेशा से अपने साथ कुछ बीमारियां और ठंडक लाने  के लिए भी बदनाम है। इस मौसम में किसी की भी इम्यूनिटी वीक पड़ सकती है। स्वाइन फ्लू, डेंगू, वायरल बुखार, के साथ कई बीमारियों का डर हमेशा लगा रहता है। तो सुरक्षित और स्वस्थ रहते हुए मानसून का मजा कैसे ले सकते हैं? खाने की अच्छी आदतें, योगासन या एक्सरसाइज और आराम कुछ ऐसे फेक्ट हैं जो बारिश के मौसम में आपको सुरक्षित रख सकते हैं। जानिए बारिश के मौसम में घर बैठे ही फिट रहने के लिए कुछ योगासन...

पादंगुष्ठासन (पैर का अंगूठा): पादंगुष्ठासन अष्टांग योग में एक मूलभूत आसन है। पदंगुष्ठासन शरीर की हर मांसपेशियों को सिर से पैर तक फैलाता है। यह शरीर को आराम देता है और बेचैनी को शांत करता है। यह मांसपेशियों के अलावा फ्लैट पैरों के लिए फायदेमंद है।

त्रिकोणासन (त्रिकोण मुद्रा): त्रिकोणासन संस्कृत शब्द 'त्रिकोना' (तीन कोनों) और 'आसन' (मुद्रा) से लिया गया है। त्रिकोणासन योग, जिसे त्रिभुज स्थिति व्यायाम के रूप में भी जाना जाता है, एक स्थायी मुद्रा है जो शक्ति (पावर), संतुलन (बैलेंस) और लचीलेपन (फ्लेक्सिबिलिटी) में सुधार करती है।

उत्कटासन (कुर्सी मुद्रा): कुर्सी मुद्रा, जिसे "अजीब कुर्सी मुद्रा" और "भयंकर रुख" के रूप में भी जाना जाता है, आसन या योग अभ्यास का एक रूप है। कुर्सी की मुद्रा बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार करते हुए आपके पैरों, ऊपरी पीठ और कंधों को मजबूत करती है।

भुजंगासन (कोबरा पोस्ट): भुजंगासन भुजंगा (कोबरा या सांप) और आसन (स्थिति) शब्दों से बना है। भुजंगासन का दूसरा नाम कोबरा स्ट्रेच है। यह आपके शरीर (विशेषकर आपकी पीठ) को फैलाता है और तेजी से आपके तनाव को दूर करता है।

वृक्षासन (वृक्ष मुद्रा): वृक्षासन एक संस्कृत संज्ञा है जो वृक्ष और आसन शब्दों को जोड़ती है। वृक्ष के लिए संस्कृत शब्द वृक्ष है, जबकि आसन के लिए संस्कृत शब्द आसन है। वृक्षासन एक स्थायी मौलिक योग स्थिति है। इसके अलावा, हिंदू धर्म में, ऋषियों ने इस रुख का उपयोग तपस्या या तपस्या के रूप में किया।

शिशुआसन (बाल मुद्रा): एक बच्चे की मुद्रा, जिसे बालासन / शिशुआसन के रूप में भी जाना जाता है, एक शुरूआती स्थिति है जो मन और शरीर को आराम देने में सहायता करती है।

ताड़ासन (पर्वत मुद्रा): ताड़ासन सबसे मौलिक योग आसनों में से एक है, यह सभी स्तरों के लिए एक चैलेंज जैसा है और कई तरह के शारीरिक और भावनात्मक लाभ देने वाला होता है। ताड़ासन आपके शरीर और दिमाग को शांत करता है।

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