वक्त का पहिया किसी के लिए नहीं रुकता, ना कोई समय से आगे निकल पाया है। ना वक्त ही किसी के लिए रुका है लेकिन, जब बात किसी बीमारी की आती है तो मरीज़ उम्र के लिहाज़ से टाइम से काफी आगे निकल जाता है। जैसे मांसपेशियों की बीमारी सार-को-पेनिया में होता है। इसमें तेज़ी से मसल्स लॉस होने से पेशेंट उम्र से पहले बूढ़ा दिखने लगता है। कमज़ोरी इस हद तक आ जाती है कि बोटल का ढक्कन तक आसानी से नहीं खोल पाते।
दुनिया में 5 करोड़ से ज़्यादा लोगों को ये बीमारी है, जो अगले 40 साल में करीब 20 करोड़ लोगों को अपना शिकार बना लेगी। और अफसोस इस बात का है कि इसके मरीज़ों की गिनती में भारत नंबर वन है..देश के हर तीसरे पुरुष और पांचवी महिला को सार-को-पेनिया है.. वैसे भी मांसपेशियों से जुड़ी तमाम बीमारियों से देश के 70% लोग जूझ रहे हैं। ये हालात इसलिए हैं क्योंकि लोगों को अपने मसल्स लॉस का पता ही नहीं चलता..जबकि शरीर के मूवमेंट और ऑर्गन्स की फिटनेस, दोनों में ही मांसपेशियों का रोल बेहद खास है।
बिल्कुल, क्योंकि अगर यहीं मसल्स वीक होने लगें तो हार्ट, ब्रेन लंग्स, लिवर,नर्वस सिस्टम सब टेंशन में आ जाते हैं, हर वक्त थकावटऔर बॉडीपेन रहता है। मांसपेशियां वीक होने से एनर्जी और एक्टिविटी कम हो जाती है गिरने या फिसलने पर हड्डी टूटने का खतरा बढ़ जाता है और बीमारी या सर्जरी के बाद जल्द ठीक होने की उम्मीद भी कम होती है। देखिए वैसे तो 40 साल की उम्र के बाद हर10 साल में 3 से 8% तक मसल्स लॉस होता है..लेकिन 25-30 साल की उम्र में हुआ सार-को-पेनिया वक्त से पहले शरीर कमज़ोर कर देता है। ऐसे में बॉडी को मज़बूत बनाने के लिए योग से बेहतर कोई उपाय नहीं हो सकता। और योग कैसे करना है..ये स्वामी रामदेव से बेहतर कोई नहीं सिखा सकता..तो चलिए योगगुरू को बुलाते हैं..और मसल्स के साथ बॉडी स्ट्रॉन्ग बनाते हैं।
कमज़ोर मांसपेशियों के लक्षण
पैरों में कमजोरी
खेलने -दौड़ने में परेशानी
जल्दी थकान
स्टेमिना कम होना
वर्कआउट करने में दिक्कत
मसल्स की परेशानी
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी
मसल्स में सूजन
खिंचाव-अकड़न
बॉडी इम्बैलेंस
मसल्स मज़बूत, शरीर तंदुरुस्त
हार्ट
ब्रेन
आंख
हाथ-पैर
इंटरनल ऑर्गन्स
ब्लड वेसल्स
मसल्स की कमज़ोरी, कैसे करें दूर
रोजाना व्यायाम करें
विटामिन-डी से भरपूर खाना खाएं
दिन में 4-5 लीटर पानी पिएं
आंवले का सेवन करें
मसल्स बनेंगी स्ट्रॉन्ग
रेगुलर योग करें
वर्कआउट करें
कार्डियों करें
हेल्दी डाइट लें
पूरी नींद लें
कमज़ोर मसल्स, क्या है वजह
शरीर में खून की कमी
नसों पर दबाव
जेनेटिक डिसऑर्डर
ऑटो इम्यून डिजीज
संक्रमण
मांसपेशियों का दर्द, क्या हैं उपाय
पैदल चले
रोज़ दूध पीएं
ताज़ा फल खाएं
हरी सब्ज़ियां खाएं
ज़्यादा देर ना बैठे
मोटापा घटाएं
वर्कआउट करें
जंक फूड से परहेज़
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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