नई दिल्ली: सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसानों ने बड़ी रणनीति बनानी शुरू कर दी है और उस रणनीति के तहत चुनावी राज्यों में अपना दल भेजेंगे जो वहां की जनता को बीजेपी के खिलाफ वोट डालने के लिए अपील करेगी। संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, "हम पश्चिम बंगाल और केरल में चुनावों के लिए दल भेजेंगे। हम किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे लेकिन लोगों से अपील करेंगे कि वे उन उम्मीदवारों को वोट दें जो बीजेपी को हरा सकते हैं। हम लोगों को किसानों के प्रति मोदी सरकार के रवैये के बारे में बताएंगे।"
किसान नेता ने 6 मार्च को एक्सप्रेस वे जाम करने का भी फैसला लिया है। बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि दिल्ली की तीन सीमाओं पर डेरा डाले हुए किसानों से शनिवार को अपराह्न एक बजे से शाम पांच बजे तक केएमपी एक्सप्रेस जाम करने का आह्वान किया गया है। विशेष तौर पर पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिम उत्तर प्रदेश के हजारों किसान तीन नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए दिल्ली की सीमाओं-- सिंघू, टिकरी और गाजीपुर पर डेरा डाले हुए हैं।
राजेवाल ने कहा, ‘‘वर्तमान प्रदर्शन को तेज करने के तहत हम छह मार्च को केएमपी जाम कर देंगे।’’ इसके अलावा भारत बंद का आह्वान भी करने की तैयारी किसान नेता कर रहे है। बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान सरकार पर दबाव बनाने में कामयाब हुए हैं और महापंचायतों के सहारे सरकार की पोल भी खोलकर रख दी है। उन्होंने कहा कि अब अंतरराष्ट्रीय संगठन सरकार से सवाल पूछने लगे हैं और सरकार बुरी तरह फंस गई है।
किसान नेताओं ने साफ किया कि जिस तरह से अभी तक शांतिपूर्ण तरीके से यह आंदोलन चल रहा है, उसी तरह से आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चलता रहे। बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि आंदोलन को आगे किस तरीके से चलाया जाए, उसपर विचार हुआ है। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से जारी विज्ञप्ति में किसान नेता डा. दर्शनपाल ने बताया कि सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा कई केंद्रीय मजदूर संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।
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