कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने अमित मालवीय द्वारा 13 अगस्त को किए गए एक ट्वीट पर पलटवार किया है। दरअसल, अमित मालवीय ने दावा किया था कि राजेश पायलट जो सचिन पायलट के पिता हैं और सुरेश कलमाड़ी ने भारतीय वायुसेना के विमान से 5 मार्च 1966 को मिजोरम की राजधानी में बम गिराया था।
अमित यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद ये दोनों कांग्रेस के टिकट पर सांसद और सरकार में मंत्री भी बने। इससे स्पष्ट है कि नार्थ ईस्ट में अपने ही लोगों पर हवाई हमला करने वालों को इंदिरा गांधी ने बतौर इनाम राजनीति में जगह दी।
सचिन पायलट ने किया पलटवार
अमित मालवीय के इस ट्वीट पर जवाब देते हुए सचिन पायलट ने कल शाम को एक ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि आपके पास गलत तारीखें और तथ्य हैं। हां भारतीय वायुसेना के पायलट के रूप में मेरे दिवंगत पिता ने बम गिराए थे। मगर वो बम 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान पर गिराए थे। उन्होंने मिजोरम पर बम नहीं गिराया, जैसा आप दावा कर रहे हैं।
सचिन ने आगे लिखा- मेरे पिता को 29 अक्टूबर 1966 को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। मेरे पिता ने 80 के दशक में एक राजनेता के रूप में मिज़ोरम में युद्ध विराम करवाने और स्थाई शांति संधि स्थापित करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका ज़रूर निभाई थी। इस ट्वीट के साथ सचिन पायलट ने एक सर्टिफिकेट भी शेयर किया है। उस सर्टिफिकेट के मुतबाकि राजेश पायलट को 29 अक्टूबर 1966 को भारतीय वायु सेना में नियुक्त किया गया था।
आपकों बता दें कि पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आलोचना करने पर कांग्रेस ने उनपर हमला बोला था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1966 में मिजोरम में भारतीय वायुसेना का उपयोग करने के फैसले की आलोचना की थी।
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