Ghee benefits for arthritis: अर्थराइटिस में घी का इस्तेमाल आज से नहीं सालों से किया जा रहा है। दरअसल, आयुर्वेद में इसे गठिया से बचाव और इसके दर्द को कम करने का कारगर उपाय बताया गया है। बता दें कि घी में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 होता है जो कि शरीर के लिए सबसे हेल्दी फैट हैं। ये दोनों मिल कर आपके शरीर में नमी पैदा करते हैं। यानी कि ये आपके ज्वाइंट्स के बीच घर्षण को कम करता और हड्डियों के बीच का दर्द (is ghee good for joints) कम होता है। इसके अलावा भी अर्थराइटिस में घी कई प्रकार से काम कर सकता है। कैसे, जानते हैं।
1 चम्मच घी गठिया के मरीजों के लिए हो सकता है वरदान-One teaspoon ghee benefits for arthritis in hindi
1. सूजन कम करता है
गठिया के मरीज अक्सर अपने शरीर में सूजन से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में घी का ब्यूटायरेट नामक फैटी एसिड होता है, जो शरीर की सूजन को कम कर सकता है। ये एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है जो कि हड्डियों को अंदर स्वस्थ रखने के साथ अंदर से कुशन देता है जिससे सूजन में कमी आने के साथ दर्द कम होता है।
2. ल्यूब्रिकेंट है घी
गठिया के मरीजों में हड्डियों में घर्षण ज्यादा होता है। ये घर्षण तेज दर्द पैदा करता है और अर्थराइटिस की दिक्कत को और खराब कर देता है। ऐसे में घी ल्यूब्रिकेंट की तरह काम करता है और जोड़ों के बीच घर्षण को कम कर देता है। इससे जोड़ों के बीच नमी बनी रहती है और खिंचाव वाला दर्द नहीं होता।
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अर्थराइटिस में घी का इस्तेमाल-How to use ghee for arthritis in hindi
खाने में ऊपर से 1 चम्मद घी डाल कर खाएं
अर्थराइटिस की दिक्कत वाले लोगों को रोजाना 1 चम्मच घी का सेवन करना चाहिए। लेकिन, इसे पका कर ना खाएं बल्कि खाने में ऊपर से डाल कर सीधे खाएं। जैसे कि आप इस दाल या दूध में ऊपर से डाल कर ले सकते हैं।
जोड़ों पर घी की मालिश करें
जोड़ों पर घी की मालिश करना अर्थराइटिस की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। ये पहले तो गर्मी पैदा करती है और जोड़ों के दर्द को कम करती है। दूसरा ये ब्लड सर्तकुलेशन को सही करती है और घर्षण व दर्द को कम करती है।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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