Yoga to clean blood vessels: आज कल लोगों में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसका एक बड़ा कारण नसों में जमा गंदगी हो सकती है। जी हां, हम जो भी खाते हैं उसके टॉक्सिन शरीर के अलग-अलग अंगों के साथ ब्लड वेसेल्स में भी चिपक जाते हैं। ऐसे में ये हाई बीपी और दिल से जुड़ी कई बीमारियों का कारण बन सकता है। जैसे हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी बीमारियां। ऐसी स्थिति में इन योगाआसनों को करना आपके ब्लड वेसेल्स को साफ करने में मदद कर सकता है। कैसे, जानते हैं।
रक्त वाहिकाओं की सफाई के लिए योग-yoga to clean blood vessels in hindi
1. परिवृत्त त्रिकोणासन (Parivrtta Trikonasana)
बदन दर्द और सुस्ती दूर करने के लिए यह आसन बहुत मददगार होता है। लेकिन, खास बात ये है कि ये ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है और पोषक तत्वों को खून के माध्यम से शरीर के सभी भागों में बेहतर तरीके से पहुंचाने में मददगार। इसी तरह ये शरीर से अधिक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में भी मदद कर सकता है। इसे करने के लिए आप इन स्टेप्स की मदद ले सकते हैं। जैसे
-अपने पैरों के बीच तीन-चार फीट का अंतर रखते हुए अपने दाहिने पैर को आगे और बाएं को पीछे की ओर रखें।
-श्वास लें और अपने सिर को आगे की ओर झुकाएं।
-अपने दाहिने हाथ को अपनी पीठ पर रखें या अपने बाएं हाथ को अपने दाहिने पैर की ओर ले जाते हुए ऊपर उठाएं।
-सांस छोड़ें और अपनी दाहिनी हथेली से फर्श को छूने की कोशिश करें।
-एक मिनट के लिए रुकें और उल्टा करें।
2. फॉरवर्ड बेंड पोज-Forward Bend Pose
यह मुद्रा आपकी पीठ, अंगों, जोड़ों को फैलाने और इन्हें मजबूती देने में मददगार है। इस मुद्रा को करने से आपका शरीर अधिक गर्मी छोड़ता है और ब्लड वेसेल्स की सफाई में मदद करता है। इसे करने के लिए आप इन स्टेप्स की मदद ले सकते हैं। जैसे-
-अपने शरीर के वजन को अपने हाथों और घुटनों पर रखकर शुरू करें।
-अपनी उंगलियों को चौड़ा फैलाएं। आपके घुटने सीधे आपके कूल्हों के नीचे और कलाई आपके कंधों के नीचे होनी चाहिए।
-श्वास लें और अपनी पीठ को सीधा रखें।
-अपने शरीर के साथ एक त्रिकोणीय संरचना बनाने के लिए अपने घुटनों और रीढ़ को ऊपर उठाते हुए सांस छोड़ें।
3. वाइड-लेग्ड फॉरवर्ड बेंड-Wide-Legged Forward Bend
यह आसन आपके सिर को गुरुत्वाकर्षण की दिशा की ओर खींचता है जिससे आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। साथ ही इससे आपके पेट पर दबाव बनता है जो कि विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने व पाचन और मल त्याग में सुधार करने में मदद करता है। इस योग को करने के लिए
-अपने पैरों को तीन-चार फीट की दूरी पर रखकर खड़े हो जाएं।
-श्वास लें, अपनी जांघ की मांसपेशियों को ऊपर उठाएं और अपने पेट को अंदर खींचें।
-सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और अपनी पीठ को थोड़ा मोड़ें।
-इसी मुद्रा में कुछ देर और सांसें लें।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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