लंबे समय तक पेशाब रोक कर रखने वालों में पेशाब में पथरी की समस्या हो सकती है। दरअसल, पेशाब की थैली में पथरी (peshab ki thaili me pathri) आमतौर पर तब बनती है जब आप अपने मूत्र के मूत्राशय को पूरी तरह से खाली नहीं कर पाते हैं। लेकिन, आज कल पानी की कमी और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन पेशाब की थैली में पथरी का कारण बन सकता है। ऐसे में शरीर में कुछ ऐसे लक्षण नजर आते हैं जो कि पेशाब की थैली में पथरी का संकेत है और इसे नजरअंदाज करना मुश्किल हो सकता है।
पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेशाब में पथरी का कारण बन सकता है। दरअसल, इसका सबसे कारण है ब्लैडर पर बनता दवाब। जी हां, जब पेशाब में पथरी बन जाती है तो पेट के निचने हिस्से पर लगातार दवाब बनता है और ये पेट में चुभने वाला दर्द देता है। साथ ही पथरी की साइज के अनुसार ये दर्द तेज हो सकता है। तो, पेट के निचले हिस्से में दर्द से बचें।
रह-रह कर होने वाली यूटीआई की समस्या पेट में पथरी की समस्या के कारण हो सकती है। जी हां, इस समस्या को आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए खास कर कि महिलाएं। दरअसल, महिलाओं को जब बार-बार यूटीआई की समस्या होती है तो उन्हें लगता है कि ये वजाइनल हेल्थ से जुड़ा हुआ है, जब कि ये पथरी के कारण ब्लैडर फंक्शन को इफेक्ट करने की वजह से भी हो सकता है।

बार-बार पेशाब लगाना, डायबिटीज ही नहीं पेशाब की थैली में पथरी का कारण भी हो सकता है। दरअसल, ब्लैडर में पथरी होने की वजह से जैसी ही आपका ब्लैडर पानी से भरता है आपको तेज पेशाब लग जाती है। इस स्थिति में आप कुछ देर के लिए भी पेशाब रोक कर नहीं रख पाते हैं। साथ ही ज्यादातर लोगों को ये दिक्कत रात में परेशान करती है।
पेशाब का गहरा रंग या पेशाब में खून आना, पेशाब की थैली में पथरी की वजह से हो सकता है। ये दिक्कत आपको लंबे समय तक परेशान कर सकती है। साथ ही इस दौरान पेशाब में खून आना इसका गंभीर लक्षण हो सकता है। तो, इन तमाम कारणों से इस लक्षण को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर को दिखाएं और इसका इलाज करवाएं।
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