A
Hindi News लाइफस्टाइल हेल्थ लगातार 10 साल से बर्गर और चिप्स खाने की वजह से 17 साल का लड़का हो गया बहरा और अंधा, जानें वजह

लगातार 10 साल से बर्गर और चिप्स खाने की वजह से 17 साल का लड़का हो गया बहरा और अंधा, जानें वजह

एक्सपर्ट इस बारे में लोगों को सचेत कर रहे है कि ज्यादा जंकफूड खाना आपको अंधा और बहरा बना सकता है। ऐसा ही एक केस सामने आया है।

17 year old boy blind and deaf after eating bangers chips white bread - India TV Hindi 17 year old boy blind and deaf after eating bangers chips white bread

कई सालों तक केवल चिप्स, बर्गर और व्हाइट ब्रेड खाने के कारण एक 17 साल उम्र का लड़का अंधेपन का शिकार हो गया। उसने प्राइमरी स्कूल छोड़ने के बाद लगातार फ्रेंच फाइज़, व्हाइट ब्रेड के साथ मीट और सॉस जैसे ही जंकफूड का सेवन किया। जिसके कारण ऐसा हुआ।  जब इस लड़के के टेस्ट किए गए तो रिपोर्ट सामने आईं कि वह कुपोषण का शिकार है और शरीर में विटामिन की कमी है।

इस बारे में लड़के की मां का कहना है कि 14 साल की उम्र में वह अपने बच्चे को डॉक्टर के पास ले गई थी। उस समय एनीमिया की समस्या सामने आईं थी। जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे विटामिन के इंजेक्शन के साथ-साथ खूब सारा मीट खाने की सलाह दी थी। लेकिन 1 साल के अंदर ही उसे देखने और सुनने में समस्या आने लगी। मेडिकल टेस्ट में ये बात सामने आईं कि इस लडके के शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो गई। जिसके बाद उसे कुछ सप्लीमेंट्स पर रखा गया। लेकिन इससे भी उसकी खराब डाइट पर सुधार नहीं हुआ।

शोध में हुआ खुलासा, मलेरिया के कारण हार्ट फेल होने की संभावना 30 फीसदी अधिक

इंटरनल मेडिसीन जर्नल रिपोर्ट्स के अनुसार 3 साल बाद इस बच्चे की मां उसे  Bristol Eye Hospital ले गई क्योंकि उसकी आंखों की रोशनी जा रही थी।

ब्रिस्टल आई हॉस्पिटल की डॉं डेंजी अटान का इस बारे में कहना है कि इतने साल इस पेशे में रही हूं लेकिन इस तरह से जंकफूड खाने के कारण अंधेपन का इतना गंभीर मामला पहली बार सामने आया है। उन्होंने आगे कहा कि सब्जियों और फलों के साथ एक संतुलित डाइट लेना बहुत ही जरुरी है। यह मरीज अधिक माक्षा में जंकफूड का सेवन करता था। जिसके कारण उसने आंखों के साथ-साथ सुनने की क्षमता को खो दिया है।

रेमो डिसूजा की पत्नी ने इतने किलो वजन किया कम, वायरल फोटो में पहचानना हुआ मुश्किल

डॉक्टर ने आगे कहा कि इस मरीज से जंकफूड खाने की शुरुआत प्राइमरी स्कूल से की थी। लेकिन अब बात करें तो कई साल बीत चुके है। किसी ने उसकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। ऐसा मामला विकसित देशों में होना बहुत ही बड़ी बात है।

Latest Lifestyle News