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Hindi News लाइफस्टाइल जीवन मंत्र 11 जनवरी को सूर्य कर रहा है इस नक्षत्र में प्रवेश, इस नाम के लोगों पर आएगा सबसे ज्यादा संकट

11 जनवरी को सूर्य कर रहा है इस नक्षत्र में प्रवेश, इस नाम के लोगों पर आएगा सबसे ज्यादा संकट

सूर्यदेव के उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में गोचर से विभिन्न नक्षत्र और नामाक्षर वाले लोगों पर क्या प्रभाव होगा और उस स्थिति में सूर्यदेव के शुभ फल पाने के लिये और किसी भी तरह की अशुभ परिस्थिति से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए। जानें आचार्य इंदु प्रकाश से

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धर्म डेस्क: 11 जनवरी को पौष शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि और शुक्रवार का दिन है। इस दिन दोपहर 01 बजकर 21 मिनट पर सूर्यदेव उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 24 जनवरी, माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि, गुरुवार के दिन दोपहर 03 बजकर 42 मिनट तक सूर्यदेव यहीं पर रहेंगे।

आकाशमंडल में कुल 27 नक्षत्र होते हैं, जिनमें सूर्यदेव कुछ-कुछ समय अंतराल के बाद क्रम से गोचर करते रहते हैं और सूर्यदेव जब भी किसी एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो बाकी नक्षत्र और नामाक्षर वाले लोगों पर इसका काफी प्रभाव पड़ता है। तो फिलहाल सूर्यदेव के उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में गोचर से विभिन्न नक्षत्र और नामाक्षर वाले लोगों पर क्या प्रभाव होगा और उस स्थिति में सूर्यदेव के शुभ फल पाने के लिये और किसी भी तरह की अशुभ परिस्थिति से बचने के लिये आपको क्या उपाय करने चाहिए। जानें आचार्य इंदु प्रकाश से। (Lohri 2019: जानिए कब है लोहड़ी, साथ ही जानें आग जलाने का महत्व और पूजन मुहूर्त )

उत्तराषाढ़ा, श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र के बारे में
अगर आपका जन्म उत्तराषाढ़ा, श्रवण या धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ है और आपका नाम 'भ', 'ज', 'ग' या 'ख' अक्षर से शुरू होता है, तो अगले चौदह दिनों के दौरान आपको इलेक्ट्रिक चीज़ों के साथ बड़ी ही सतर्कता पूर्वक काम लेना चाहिए। रसोई में गैस पर काम करते समय या पानी गर्म करते समय भी आपको थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है। इसके अलावा अगर आप नया घर बनाने की सोच रहे हैं, तो आपको 24 जनवरी के बाद ही काम शुरू करवाना चाहिए। साथ ही सूर्यदेव की अशुभ स्थिति से बचने के लिये और शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिये  आपको सुबह के समय घर का बरामदा या बालकनी खुली रखनी चाहिए, ताकि सूर्य की रोशनी पूरे घर में फैल सके। साथ ही धार्मिक कार्यों में अपना सहयोग देते रहें। इससे आपको अशुभ स्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। (Makar sankranti 2019: मकर संक्रांति के दिन भूलकर भी न करें ये काम, वरना बाद में पड़ेगा पछताना)

शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र के बारे में
अगर आपका जन्म शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद या रेवती नक्षत्र में हुआ है और आपका नाम 'स', 'द', 'च', 'थ' या 'ग' अक्षर से शुरू होता है, तो आपके कामों की गति कुछ समय के लिये रूक सकती है। 24 जनवरी तक आपको काम करने में ज्यादा आनन्द नहीं आयेगा। आपके सोचे हुए काम अच्छे से पूरे नहीं हो पायेंगे। अतः 24 जनवरी तक सूर्यदेव की अशुभ स्थिति से बचने के लिये और जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिये  रात के समय अपने सिरहाने पर पांच मूली रखकर सोएं और अगले दिन उन्हें किसी मन्दिर या धर्मस्थल पर दान कर दें। इससे आपके काम की गति तेज होने लगेगी।

अश्विनी, भरणी, कृतिका और रोहिणी नक्षत्र की
अगर आपका जन्म अश्विनी, भरणी, कृतिका या रोहिणी नक्षत्र में हुआ है और अगर आपके नाम का पहला अक्षर 'ल', 'च', 'अ', 'ई', 'उ', 'ए' या 'व' है, तो 24 जनवरी तक आपकी चीज़ों में स्थिरता बनी रहेगी। साथ ही इस दौरान आप जो भी काम करेंगे, वो भी स्टेबल रहेंगे। अतः 24 जनवरी तक ये स्टेबिलिटी बनाये रखने के लिए घर में पीतल के बर्तनों को उपयोग में लाएं। इससे आपके कामों में स्टेबिलिटी बनी रहेगी।

मृगशिरा, आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र के बारे में
अगर आपका जन्म मृगशिरा, आर्द्रा या पुनर्वसु नक्षत्र में हुआ है और अगर आपका नाम 'क', 'व', 'घ', 'छ' या 'ह' अक्षर से शुरू होता है, तो अगले चौदह दिनों तक आपकी चांदी ही चांदी होगी। आपको अचानक से धन लाभ हो सकता है। लिहाजा आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। मां लक्ष्मी की कृपा आपके ऊपर बनी रहेगी। अतः 24 जनवरी तक मां लक्ष्मी की कृपा से धन की प्राप्ति के लिये  कोई भी खास काम शुरू करने से पहले पानी पीएं। साथ ही संभव हो तो कुछ मीठा भी खाएं।......ऐसा करने से आपको धन की प्राप्ति होती रहेगी।

पुष्य, आश्लेषा, मघा और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के बारे में
अगर आपका जन्म पुष्य, आश्लेषा, मघा या पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में हुआ है और आपका नाम 'ह', 'ड', 'म' या 'ट' अक्षर से शुरू होता है, तो 24 जनवरी तक आपको लाभ के कई अवसर मिलेंगे। आप जो भी करेंगे, उसमें आपको लाभ जरूर मिलेगा। अतः 24 जनवरी तक अपने जीवन में लाभ की स्थिति बनाये रखने के लिए काली गाय या बिना सिंग वाली गाय की सेवा करें। इससे आपको जीवन में लाभ मिलते रहेंगे।

उत्तराफाल्गुनी, हस्त या चित्रा नक्षत्र के बारें में
अगर आपका जन्म उत्तराफाल्गुनी, हस्त या चित्रा नक्षत्र में हुआ है, अगर आपका नाम 'प', 'ट' या 'र' अक्षर से शुरू होता है और अगर आप घर के मुखिया हैं, तो अगले 14 दिनों तक आपको अपने आस-पास की चीज़ों का खास ख्याल रखना चाहिए। आपको इस दौरान कुछ परेशानी उठानी पड़ सकती है। तो इन परेशानियों से बचने के लिये और सूर्यदेव की शुभ स्थिति का लाभ पाने के लिए 24 जनवरी तक जब भी मौका मिले, किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन जरूर खिलाएं। इससे आपको परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।

स्वाती, विशाखा, अनुराधा और ज्येष्ठा नक्षत्र के बारे में
अगर आपका जन्म स्वाती, विशाखा, अनुराधा या ज्येष्ठा नक्षत्र में हुआ है और आपका नाम 'य', 'र', 'त' या 'न' अक्षर से शुरू होता है, तो पैसों के मामले में अगले चौदह दिनों के दौरान आपको थोड़ा संभलकर काम लेना चाहिए। आपको आर्थिक रूप से कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। तो 24 जनवरी तक सूर्यदेव की अशुभ स्थिति से बचने के लिये और शुभ स्थिति सुनिश्चित करने के लिए सूर्यदेव को जल अर्पित करें। इससे आपको आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

मूल और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के बारे में
अगर आपका जन्म मूल या पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में हुआ है और अगर आपका नाम 'य', 'भ' या 'ध' अक्षर से शुरू होता है, तो आपको 24 जनवरी तक अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना चाहिए। आपको किसी तरह का रोग या भय हो सकता है। अतः 24 जनवरी तक अपना स्वास्थ्य बेहतर बनाये रखने के लिये और किसी भी तरह के भय से बचाव के लिए
मन्दिर में नारियल का तेल दान करें। इससे आपका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और आपको किसी प्रकार का भय भी नहीं सतायेगा।

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