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Hindi News महाराष्ट्र मनोहर जोशी का निधन: एकनाथ शिंदे बोले- शिवसेना ने कोहिनूर खो दिया, फडणवीस ने सुनाया पुराना किस्सा

मनोहर जोशी का निधन: एकनाथ शिंदे बोले- शिवसेना ने कोहिनूर खो दिया, फडणवीस ने सुनाया पुराना किस्सा

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी के निधन अंतिम दर्शन के लिए सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शोक व्यक्त किया है।

Manohar Joshi- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष मनोहर जोशी के निधन पर हर राजनेता शोक व्यक्त कर रहा है। महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस समेत कई कई दलों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि आज शिवसेना ने अपना कोहिनूर खो दिया। वहीं इस दौरान देवेंद्र फडणवीस ने मनोहर जोशी से जुड़ी यादों को साझा किया। उन्होंने कहा कि मनोहर जोशी का जाना महाराष्ट्र और देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है।  

"उन्होंने सरकार चलाने में मार्गदर्शन किया"

जोशी के निधन पर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि आज शिवसेना ने अपना कोहिनूर खो दिया। आम शिवसैनिक से लेकर मुख्यमंत्री पद तक का उनका सफर प्रेरणादायी है। शिंदे ने कहा कि जोशी सर ने अपने इंस्टिट्यूट के जरिए लाखों युवाओं को रोजगार दिलाया। जब भी वह मुझे मिलते थे तब बड़ा स्नेह देते थे। जब मैं सीएम बना तब उनसे मिला था। उन्होंने सरकार कैसे चलाना है, इसका मार्गदर्शन किया था। शिंदे ने कहा कि कल जब जानकारी मिली थी कि वह बीमार हैं तो मैं आज सुबह ही उन्हें देखने के लिए अस्पताल जाने वाला था, लेकिन उसके पहले ही दुखद खबर आ गई। आज उनका जाना हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। 

देवेंद्र फडणवीस ने सुनाया गाड़ी वाला किस्सा

वहीं इस दौरान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मनोहर जोशी का सामाजिक जीवन अनुकरणीय है। हमने उनसे बहुत कुछ सीखा है। मनोहर जोशी का एक पुराना किस्सा सुनाते हुए फडणवीस ने बताया, "जब मैं नागपुर शहर का महापौर था, तब एक बार नागपुर अधिवेशन के लिए मनोहर जोशी हमारे शहर आए थे। एक दिन उनकी गाड़ी खराब हो गई। उन्हें बताया गया कि महापौर की गाड़ी काफी अच्छी है, आपके लिए वही बेहतर होगी। तब उन्होंने मुझे बुलाया और कहा कि महापौरजी आपकी गाड़ी मुझे उधार चाहिए। मैंने कहा कि सर यह मेरा सौभाग्य होगा। करीब तीन दिनों तक अधिवेशन के दौरान उन्होंने मेरी गाड़ी का इस्तेमाल किया। वह अक्सर जनसभा में कहते थे कि मैं भले ही मुख्यमंत्री हूं, लेकिन मैं गाड़ी नागपुर के महापौर की इस्तेमाल कर रहा हूं। अक्सर मजाक में मुझे वो कहते थे कि देखो मैंने तुम्हें नागपुर का मुख्यमंत्री बना दिया।"

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