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Hindi News धर्म त्योहार Dussehra 2022: दशहरे के दिन राम जी के साथ की जाती हैं इस वृक्ष की पूजा, कभी नहीं होती धन की कमी

Dussehra 2022: दशहरे के दिन राम जी के साथ की जाती हैं इस वृक्ष की पूजा, कभी नहीं होती धन की कमी

Dussehra 2022: 05 अक्टूबर को विजयदशमी यानि दशहरा है। इस दिन भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत के समय पांडवों ने अपने अस्त्र और शस्त्र शमी के वृक्ष पर छिपाए थे।

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Highlights

  • 05 अक्टूबर को विजयदशमी यानि दशहरा है।
  • पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत के समय पांडवों ने अपने अस्त्र और शस्त्र शमी के वृक्ष पर छिपाए थे।

Dussehra 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि का पर्व प्रारंभ हो जाता है, जो नौ दिनों तक चलता है। आज नवरात्र का आखिरी दिन है। बता दें शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर से शुरू हुई है जो 04 अक्टूबर तक मनाई जा रही है। वहीं 05 अक्टूबर को विजयदशमी यानि दशहरा है। इस दिन भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था। वहीं देश के हर कोने दशहरा को अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। 

दशहरा 2022 मुहूर्त (Dussehra 2022 Ravan Dahan Muhurat)

विजय मुहूर्त - दोपहर 02:13 - दोपहर 03:00 (5 अक्टूबर 2022)
अपराहन पूजा मुहूर्त - दोपहर 01.46 - दोपहर 03.48 (5 अक्टबर 2022)

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शमी के पेड़ की पूजा

पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत के समय पांडवों ने अपने अस्त्र और शस्त्र शमी के वृक्ष पर छिपाए थे। जिसके बाद उन्होंने महाभारत के युद्ध में कौरवों पर विजय प्राप्त की थी। एक ऐसा भी धार्मिक मान्यता है कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम ने रावण से युद्ध करने के पहले मां दुर्गा और शमी वृक्ष की पूजा की थी। इसके परिणाम स्वरूप लंका पर उन्हें विजय प्राप्त हुई, तब से दशहरा पर शमी वृक्ष की उपासना शुरू हो गई। ऐसे में दशहरे के दिन प्रदोषकाल के दौरान शमी के पेड़ की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। 

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दशहरा के दिन कैसे करें शमी पेड़ की पूजा 

  1. सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ कपड़े धारण कर लें।
  2. शमी वृक्ष की जड़ में गंगाजल, नर्मदा जल या शुद्ध जल अर्पित करें।
  3. तेल या घी का दीपक जलाकर उसके नीचे अपने शस्त्र रख दें।
  4. धूप, दीप, मिठाई अर्पित कर आरती करें।
  5. पत्तों को लाल कपड़े में बांधकर हमेशा के लिए अपने पास रख लें।
  6. इससे आपके जीवन की परेशानियां दूर होंगी और शत्रुओं से छुटकारा मिलेगा। साथ ही आप इसे तिजोरी में भी रखें। 
  7. दशहरा पर प्रदोषकाल में शमी वृक्ष की उपासना से आरोग्य और धन प्राप्ति का वरदान मिलता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। INDIA TV इसकी पुष्टि नहीं करता है।)