नई दिल्ली। वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम ने सरकार से विशेष रूप से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) क्षेत्र में नकदी की स्थिति में सुधार के वास्ते कदम उठाने की अपील की है। सियाम ने कहा है कि नकदी की स्थिति में सुधार के कदमों से वाहन क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल सकता है।
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उद्योग संगठन के मुताबिक हर महीने वाहन उद्योग की बिक्री लगातार घट रही है। इस वजह से कई डीलरशिप बंद हो चुकी हैं। वित्त मंत्रालय को लिखे पत्र में सियाम ने सरकार से तत्काल इस मामले पर गौर करने और उचित कदम उठाने का आग्रह किया है, जिससे प्रणाली में नकदी का प्रवाह सुनिश्चित हो सके और नए वाहनों की बिक्री रफ्तार पकड़ सके।
फिलहाल वाहन वित्तपोषण क्षेत्र में एनबीएफसी की बड़ी हिस्सेदारी है। इनमें सभी प्रकार के वाहन- वाणिज्यिक, यात्री और दोपहिया तथा तिपहिया शामिल हैं। नए दोपहिया वाहनों के 70 प्रतिशत का वित्त पोषण एनबीएफसी द्वारा किया जाता है। वहीं देश में बिकने वाले 60 प्रतिशत नए वाणिज्यिक वाहनों का वित्त पोषण यह क्षेत्र करता है।
सियाम ने कहा कि वाहनों की बिक्री में एनबीएफसी की महत्वपूर्ण भूमिका है। एनबीएफसी अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करते हैं। इन क्षेत्रों में आमतौर पर बैंक कर्ज लेना कठिन होता है।
सियाम ने कहा कि मौजूदा परिदृश्य में ग्रामीण बाजार वाहन उद्योग की वृद्धि और अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं। एनबीएफसी द्वारा ग्राहक कर्ज में कमी से विशेषरूप से ग्रामीण बाजारों की वृद्धि प्रभावित होगी। सियाम ने कहा कि एनबीएफसी क्षेत्र के हालिया तरलता संकट और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की वजह से देश में वाहन वित्त पोषण बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विशेषरूप से इससे ग्रामीण बाजारों की मांग प्रभावित हुई है।