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कोरोना संकट के चलते व्यक्तिगत वाहन खरीदने पर जोर, टैक्सी और टूर आपरेटर्स की मांग 70 फीसदी गिरी

कोरोना वायरस महामारी के बीच इस साल सितंबर तिमाही में मारुति सुजुकी, हुंदै मोटर और टोयोटा किर्लोस्कर जैसी यात्री वाहन कंपनियों के वाहनों की व्यावसायिक प्रतिष्टानों को थोक में की जाने वाली बिक्री में तेज गिरावट आयी है।

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: November 08, 2020 14:56 IST
Automobile- India TV Paisa
Photo:MARUTI

Automobile

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच इस साल सितंबर तिमाही में मारुति सुजुकी, हुंदै मोटर और टोयोटा किर्लोस्कर जैसी यात्री वाहन कंपनियों के वाहनों की व्यावसायिक प्रतिष्टानों को थोक में की जाने वाली बिक्री में तेज गिरावट आयी है। महामारी के दौर में लोग सार्वजनिक या साझा परिवहन से बचते हुए आवागमन के व्यक्तिगत साधनों को चुन रहे हैं। ऐसे में इस तिमाही के दौरान वाहन बेड़ों की बिक्री में गिरावट आयी है। 

मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी निदेशक (बिक्री एवं विपणन) शशांक श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘साझा और सार्वजनिक परिवहन के माध्यमों में लोगों की रुचि कम हुई है। वे इनके बजाय व्यक्तिगत साधनों को तरजीह देने लगे हैं। यदि हम अपने पोर्टफोलियो के आंकड़ों को देखें, तो बेड़े की बिक्री में दूसरी तिमाही में 69 प्रतिशत की गिरावट आयी है।’’ उन्होंने कहा कि अप्रैल-सितंबर की अवधि को ध्यान में रखें तो पिछले वर्ष की तुलना में बेड़े की बिक्री में गिरावट 77 प्रतिशत है। 

श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘इसका परिणाम हुआ कि कुल बिक्री में बेड़ों की हिस्सेदारी पिछले साल के सात प्रतिशत से कम होकर मात्र 2.4 प्रतिशत पर आ गयी।’’ मारुति सुजुकी इंडिया हैचबैक, सेडान, वैन और बहुद्देश्यीय वाहन (एमपीवी) श्रेणियों में ऑल्टो, वैगनआर, सेलेरियो, इको, टूरएस तथा एर्टिगा जैसे मॉडल वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिये पेश करती है। हुंदै मोटर इंडिया बेड़ों की श्रेणी में कॉम्पैक्ट सेडान एक्सेंट की बिक्री करती है। हुंदै मोटर के भी बेड़े वाहनों में इस दौरान गिरावट दर्ज की गयी है। 

हुंदै मोटर इंडिया के निदेशक (बिक्री, विपणन एवं सेवा) तरुण गर्ग ने कहा, ‘‘आवागमन के साझा माध्यमों के बजाय अब मांग व्यक्तिगत साधनों पर केंद्रित हुई है। अत: स्वाभाविक है कि बेड़े के वाहनों की बिक्री में गिरावट आयी है। वित्तपोषण करने वालों के लिये भी मुश्किलें हो रही हैं, क्योंकि इस खंड का भविष्य अनिश्चित लग रहा है। ऐसे में वह सख्ती का पालन कर रहे हैं, जिससे बेड़े के खंड में वाहनों की बिक्री कम हुई है।’’ हालांकि उन्होंने कहा कि कुल बिक्री पर असर नहीं हुआ है, क्योंकि व्यक्तिगत श्रेणी ने भरपाई कर दी है। गर्ग ने कहा, ‘‘हम स्थिति की निगरानी करते रहेंगे। संभव है कि यह कुछ ही समय की बात हो, क्योंकि साझा खंड ने वैश्विक बाजारों में काफी अच्छा किया है। एक बार महामारी से उबर जाने के बाद यह खंड यहां भी बढ़िया कर सकता है।’’ 

टोयोटा किर्लोस्टकर मोटर (टीकेएम) ने भी कहा कि दूसरी तिमाही के दौरान इनोवा क्रिस्टा की व्यावसायिक बिक्री में गिरावट आयी है। टीकेएम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (बिक्री एवं सेवा) नवीन सोनी ने कहा, ‘‘बेड़ा खंड बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसमें सचमुच एक ठहराव पर आ गया है। लोग टैक्सियों और साझा कारों में बैठने के लिये तैयार नहीं हैं। यह बहुत चुनौतीपूर्ण परिदृश्य है। टैक्सी खंड में 15-20 प्रतिशत की गिरावट है।’’ कंपनी ने कहा कि इनोवा क्रिस्टा की संस्थागत बिक्री, जिसमें टैक्सी, कॉरपोरेट और सरकारी बिक्री शामिल हैं, जुलाई-सितंबर तिमाही में 65.72 प्रतिशत घटकर 1,386 इकाई रह गयी। एक साल पहले की अवधि में यह 4,044 इकाई थी।

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