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बदल सकते हैं नई गाड़ी के इंश्योरेंस से जुड़े नियम, जानिए आप पर पड़ेगा क्या असर

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Jan 24, 2021 10:40 pm IST,  Updated : Jan 24, 2021 10:48 pm IST

समिति ने कहा कि मौजूदा प्रणाली में ग्राहक द्वारा वाहन डीलर से पहली बार वाहन खरीदने पर बीमा प्रीमियम के भुगतान की लागत को लेकर पारदर्शिता नहीं है। ग्राहक को प्रीमियम की जानकारी के साथ साथ कवरेज के अन्य विकल्प और छूट आदि की भी जानकारी नहीं मिल पाती।

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नई गाड़ी के इंश्योरेंस प्रीमियम भुगतान पर समिति की सिफारिश  Image Source : PTI

नई दिल्ली। नई गाड़ी खरीदने वालों को गाड़ी की कीमत और बीमा प्रीमियम का भुगतान अलग-अलग करना पड़ सकता है। बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) यदि एक समिति की मोटर बीमा सेवा प्रदाता (Motor Insurance Service Provider- MISP) दिशानिर्देशों की समीक्षा की सिफारिश को स्वीकार कर लेता है, तो यह व्यवस्था लागू हो सकती है। इरडा ने प्रक्रिया को बेहतर करने की मंशा से 2017 में एमआईएसपी दिशानिर्देश जारी किए थे। साथ ही इसका मकसद वाहन डीलरों द्वारा बेचे जाने वाले वाहन बीमा को बीमा कानून-1938 के प्रावधानों के तहत लाना था।

क्या होगा ग्राहकों को फायदा

समिति ने कहा कि मौजूदा सिस्टम में ग्राहक द्वारा वाहन डीलर से पहली बार वाहन खरीदने पर बीमा प्रीमियम के भुगतान को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं है। फिलहाल ग्राहक के द्वारा एक ही चेक के जरिए गाड़ी की लागत और बीमा के प्रीमियम का भुगतान किया जाता है। एमआईएसपी अपने खातों से बीमा कंपनी को भुगतान करते हैं, ऐसे में ग्राहक यह नहीं जान पाता कि उसके द्वारा दिया गया बीमा प्रीमियम कितना है, क्योंकि यह वाहन की कुल कीमत में ही शामिल होता है। समिति ने कहा है कि पारदर्शिता की कमी पॉलिसीधारक के हित में नहीं है, क्योंकि ग्राहक बीमा की सही लागत नहीं जान पाता। साथ ही ग्राहक को कवरेज के विकल्प और रियायत आदि की भी जानकारी नहीं मिल पाती। अगर सिफारिशें मानी जाती हैं तो ग्राहको कों प्रीमियम, दूसरे विकल्प और छूट आदि की भी जानकारी मिल सकेगी, और वो बेहतर फैसला ले सकेंगे।

क्या हैं एमआईएसपी

एमआईएसपी से तात्पर्य बीमा कंपनी या किसी बीमा मध्यवर्ती इकाई द्वारा नियुक्त वाहन डीलर से है, जो अपने द्वारा बेचे जाने वालों वाहनों के लिए बीमा सेवा भी उपलब्ध कराता है। नियामक ने 2019 में एमआईएसपी दिशानिर्देशों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की थी। समिति ने एमआईएसपी के जरिये मोटर बीमा कारोबार के व्यवस्थित तरीके से परिचालन के लिए अपनी रिपोर्ट में कई सिफारिशें की हैं। समिति ने अन्य मुद्दों के अलावा मोटर वाहन बीमा पॉलिसी करते समय ग्राहकों से प्रीमियम भुगतान लेने के मौजूदा तरीके की भी समीक्षा की।

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