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EV गाड़ियां होंगी सस्ती, नितिन गडकरी ने बताया- इतने महीने में पेट्रोल और डीजल के बराबर होगी कीमत

 Edited By: Alok Kumar @alocksone
 Published : Sep 09, 2024 04:28 pm IST,  Updated : Sep 09, 2024 04:29 pm IST

मंत्री ने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि भारत विश्व में नंबर एक मोटर वाहन विनिर्माण केंद्र बन सकता है और कहा कि इस उद्योग का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। उन्होंने कहा, मेरा मानना ​​है कि हमें भारत को दुनिया में नंबर एक मोटर वाहन विनिर्माण केंद्र बनाना चाहिए।

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ईवी Image Source : PTI

ऊंची कीमत के कारण इलेक्ट्रिक गाड़ी नहीं खरीद पा रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। आने वाले समय में ईवी की कीमत में बड़ी कमी देखने को मिलेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगले दो साल यानी 24 महीने में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमत पेट्रोल और डीजल वाहन के बराबर हो जाएगी। ऐसा देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का चलन बढ़ने से होगा। उन्होंने कहा कि लिथियम आयन बैटरी की कीमतों में गिरावट से ईवी की लागत में कमी आई है। आने वाले समय में यह तेजी से कम होगी। 

बैटरी की कीमत में आई गिरावट 

उन्होंने कहा कि एक समय लिथियम आयन बैटरी की कीमत 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर प्रति किलोवाट घंटा थी। अब इसकी कीमत कुछ 10.8 से 11 करोड़ प्रति किलोवाट घंटा है। उन्होंने कहा,  मुझे विश्वास है कि यह 10 करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगी।’’ इसके अलावा, उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण में मात्रा की दृष्टि से वृद्धि देखी गई है। गडकरी ने कहा, मेरा आकलन है कि सब्सिडी के बिना आप (ईवी की) उस लागत को बनाए रख सकते हैं, क्योंकि उत्पादन लागत कम है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि दो साल के भीतर पेट्रोल वाहन तथा डीजल वाहन की लागत इलेक्ट्रिक के बराबर हो जाएगी, क्योंकि पहले से ही इलेक्ट्रिक वाहनों पर बचत हो रही है।

सब्सिडी देने की जरूरत नहीं 

ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) की ओर से आयोजित किए गए इवेंट में केंद्रीय मंत्री ने कहा,  इलेक्ट्रिक वाहन अब बिना सब्सिडी के भी अपनी लागत बरकरार रख सकते हैं। हालांकि, यह वित्त तथा भारी उद्योग मंत्रालयों को तय करना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए या नहीं। 10 साल पहले जब मैंने इलेक्ट्रिक वाहनों को ऑटोमोबाइल कंपनियों से बढ़ाने को कहा था, उस समय बाजार में किसी ने मेरी बात को अधिक महत्व नहीं दिया था। अब वे लोग कह रहे हैं कि मौका हाथ से निकल गया है। उन्होंने आगे कहा कि वह इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए किसी भी प्रकार की सब्सिडी और इंसेंटिव आदि के खिलाफ नहीं हैं।

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