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GST रिटर्न नहीं भरने वाले 15 अगस्त से नहीं कर पाएंगे E-way बिल जनरेट, सरकार ने राहत को किया खत्‍म

जीएसटी व्यवस्था में अप्रैल 2018 से 50,000 रुपये से अधिक मूल्य की वस्तुओं के इंटर-स्टेट ट्रांसपोर्टेशन के लिए ईवे बिल को अनिवार्य कर दिया गया है।

India TV Paisa Desk India TV Paisa Desk
Published on: August 05, 2021 17:44 IST
Bad news for businesses and transporters Eway generation to be blocked for return nonfilers- India TV Paisa
Photo:PTI

Bad news for businesses and transporters Eway generation to be blocked for return nonfilers

नई दिल्ली। जीएसटी नेटवर्क (GSTN) ने कहा है कि जिन करदाताओं ने जून 2021 तक दो महीने या जून 2021 तिमाही तक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किए हैं, वे 15 अगस्त से ई-वे बिल सृजित नहीं कर पाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से अगस्त में वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह बढ़ाने में मदद मिलेगी, क्योंकि लंबित जीएसटी रिटर्न दाखिल होने की उम्मीद है। पिछले साल केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कोविड महामारी के दौरान अनुपालन राहत देते हुए रिटर्न दाखिल न करने वालों के लिए इलेक्ट्रॉनिक ई-वे बिल सृजित करने पर रोक को निलंबित कर दिया था।

जीएसटीएन ने करदाताओं से कहा कि सरकार ने अब सभी करदाताओं के लिए ईडब्ल्यूबी पोर्टल पर ईवे बिल सृजित करने पर रोक को 15 अगस्त से फिर बहाल करने का फैसला किया है।  इस तरह 15 अगस्त 2021 के बाद सिस्टम फॉर्म जीएसटीआर-3बी या फॉर्म जीएसटी सीएमपी-08 में भरे गए स्‍टेटमेंट की जांच करेगा और ऐसा न करने पर ई-वे बिल सृजित करने पर रोक लगाएगा।

जिस भी करदाता ने अप्रैल से जून, 2021 तिमाही के लिए जून 2021 तक के दो या अधिक रिटर्न जीएसटीआर-3बी में फाइल नहीं किए हैं या दो या अधिक स्‍टेटमेंट को जीएसटी सीएमपी-08 में जमा नहीं किया है, वो 15 अगस्‍त के बाद ईवे बिल जारी नहीं कर पाएंगे।  

जीएसटीएन ने कहा है कि ईडब्‍ल्‍यूबी पोर्टल पर ईवे बिल सृजित करने की सुविधा को निरंतर बनाए रखने के लिए आपको सलाह दी जाती है कि आप अपने लंबित जीएसटीआर 3बी रिटर्न/सीएमपी-08 स्‍टेटमेंट को तुरंत फाइल करें।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के सीनियर पार्टनर रजत मोहन ने कहा कि जीएसटीएन अब जीएसटन रिटर्न फाइल न करने वालों पर सख्‍ती करने जा रहा है। ईवे बिल के सृजन को रोकने से कई कारोबार रुक जाएंगे। जीएसटी व्‍यवस्‍था में अप्रैल 2018 से 50,000 रुपये से अधिक मूल्‍य की वस्‍तुओं के इंटर-स्‍टेट ट्रांसपोर्टेशन के लिए ईवे बिल को अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि सोने को इससे बाहर रखा गया है। इलेक्‍ट्रॉनिक वे बिल सिस्‍टम में, उद्यमों और ट्रांसपोर्टर्स को मांगे जाने पर जीएसटी इंस्‍पेक्‍टर के सामने ईवे बिल प्रस्‍तुत करना होता है।  

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