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बीएसएनएल और एमटीएनएल के बारे में सरकार ने किया ये बड़ा खुलासा, आप भी सुनेंगे तो रह जाएंगे हैरान

 Edited By: Abhishek Shrivastava
 Published : Mar 16, 2018 07:22 pm IST,  Updated : Mar 16, 2018 07:22 pm IST

वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान बीएसएनएल, एमटीएनएल और एयर इंडिया सबसे ज्‍यादा नुकसान में रहने वाली सरकारी कंपनियां रही हैं। वहीं इंडियन ऑयल, ओएनजीसी और कोल इंडिया सर्वाधिक मुनाफे में रहने वाली कंपनियां रहीं।

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नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान बीएसएनएल, एमटीएनएल और एयर इंडिया सबसे ज्‍यादा नुकसान में रहने वाली सरकारी कंपनियां रही हैं। वहीं इंडियन ऑयल, ओएनजीसी और कोल इंडिया सर्वाधिक मुनाफे में रहने वाली कंपनियां रहीं।  संसद में पेश एक सरकारी सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई है। 

सार्वजनिक उद्यम सर्वेक्षण 2016-17 के अनुसार, आलोच्य अवधि के दौरान 82 सरकारी कंपनियां नुकसान में रही हैं। नुकसान में रहने वाली शीर्ष-10 कंपनियों का कुल नुकसान में 83.82 प्रतिशत योगदान रहा है। शीर्ष-10 कंपनियों के कुल नुकसान में बीएसएनएल, एयर इंडिया और एमटीएनएल की हिस्सेदारी 55.66 प्रतिशत रही है। 

इस दौरान मुनाफे में रही शीर्ष-10 कंपनियों के कुल मुनाफे में इंडियन ऑयल, ओएनजीसी और कोल इंडिया की क्रमश: 19.69 प्रतिशत, 18.45 प्रतिशत और14.94 प्रतिशत हिस्सेदारी रही है। 

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड मुनाफे में रही शीर्ष-10 कंपनियों में स्थान बनाने में कामयाब रही हैं। हिंदुस्तान फर्टीलाइजर और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन इस सूची से बाहर हो गई हैं। इस दौरान कुल 174 कंपनियां मुनाफे में रहीं। इन कंपनियों के संयुक्त मुनाफे में शीर्ष-10 कंपनियों का 63.57 प्रतिशत योगदान रहा है। 

वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान नुकसान में रहने वाली हिंदुस्तान केबल्स, भेल और ओएनजीसी विदेश लिमिटेड मुनाफा कमाने में कामयाब रही हैं। वेस्टर्न कोलफील्ड्स, एसटीसीएल, एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज और ब्रह्मपुत्र क्रैकर्स एंड पॉलीमर नुकसान में रही शीर्ष-10 कंपनियों में शामिल हो गई हैं।  इस दौरान सभी 257 परिचालित सरकारी कंपनियों का सम्मिलित मुनाफा वित्त वर्ष 2015-16 के 1,14,239 करोड़ रुपए की तुलना में 11.7 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2016-17 में 1,27,602 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। 

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