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सोने में निवेश बढ़ा रहे निवेशक, अप्रैल में स्वर्ण बचत कोष में 864 करोड़ रुपये का प्रवाह

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : May 23, 2021 07:21 pm IST,  Updated : May 23, 2021 07:21 pm IST

कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के कारण अनिश्चित आर्थिक माहौल के बीच निवेशक सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। स्वर्ण बचत कोष और गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में अप्रैल में 864 करोड़ रुपये निवेश किये गये।

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सोने में निवेश बढ़ा रहे निवेशक, अप्रैल में स्वर्ण बचत कोष में 864 करोड़ रुपये का प्रवाह  Image Source : PIXABAY

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के कारण अनिश्चित आर्थिक माहौल के बीच निवेशक सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। स्वर्ण बचत कोष और गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में अप्रैल में 864 करोड़ रुपये निवेश किये गये। क्वांटम म्यूचुअल फंड में वरिष्ठ कोष प्रबंधक (अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट्स) चिराग मेहता ने कहा कि सोने से जुड़े कोष में निवेश प्रवाह 2021-22 में बने रहने की उम्मीद है। इसका कारण इस अनिश्चित माहौल में निवेशकों के विभिन्न उत्पादों में निवेश के मुकाबले सोने में अभी भी काफी कम पैसा लगा हुआ है। 

मार्निंग स्टार इंडिया के आंकड़े के अनुसार स्वर्ण बचत कोष और गोल्ड ईटीएफ में अप्रैल महीने में क्रमश: 184 करोड़ रुपये और 680 करोड़ रुपये का शुद्ध प्रवाह हुआ है। आंकड़े के अनुसार 2020-21 में स्वर्ण कोष में 3,200 करोड़ रुपये जबकि गोल्ड ईटीएफ में 6,900 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ था। मार्निंग स्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘इस साल कोरोना वायरस संक्रमण में तीव्र वृद्धि को देखते हुए मौजूदा माहौल में संपत्ति के रूप में सोने का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है। निवेशकों की इस संपत्ति को लेकर रूचि बनी हुई है।’’ 

क्वांटम म्यूचुअल फंड के मेहता ने यह भी कहा कि निवेशक अब गोल्ड ईटीएफ या स्वर्ण बचत कोष में निवेश को तरजीह दे रहे हैं। इसका कारण स्वर्ण आभूषण या सोने में भौतिक रूप से खरीद-बिक्री में होने वाली समस्या है। उन्होंने कहा कि स्वर्ण बचत कोष या गोल्ड ईटीएफ में निवेश से उन्हें सुरक्षा के लिहाज से एक संतोष मिलता है क्योंकि यह उन्हें आसानी से खरीद-बिक्री की सुविधा देता है। अगर रिटर्न की बात की जाए तो इन उत्पादों ने पिछले तीन साल में संचयी रूप से 13 से 14 प्रतिशत सालाना लाभ दिया है। जबकि पांच साल में रिटर्न 8 रहा है। 

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