1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. बेहतर मानसून से बढ़ी उम्मीदें, इस साल खरीफ उत्पादन रिकॉर्ड 15.05 करोड़ टन रहने का अनुमान

बेहतर मानसून से बढ़ी उम्मीदें, इस साल खरीफ उत्पादन रिकॉर्ड 15.05 करोड़ टन रहने का अनुमान

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Sep 22, 2021 12:00 pm IST,  Updated : Sep 22, 2021 12:00 pm IST

हालांकि, इस साल खरीफ सत्र के दौरान मोटा अनाज और तिलहन उत्पादन मामूली रूप से कम रहने का अनुमान है।

बेहतर मानसून से बढ़ी...- India TV Hindi
बेहतर मानसून से बढ़ी उम्मीदें, इस साल खरीफ उत्पादन रिकॉर्ड 15.05 करोड़ टन रहने का अनुमान Image Source : PTI

नयी दिल्ली। इस साल मानसून अच्छा रहने और चावल का उत्पादन बढ़ने की संभावना के चलते चालू खरीफ सत्र में खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 15 करोड़ पांच लाख टन के स्तर के छूने की संभावना है। कृषि मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई-जून) के खरीफ सत्र में चावल, दाल और मोटे अनाज सहित कुल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 14 करोड़ 95 लाख 60 हजार टन रहा था। चावल, गन्ना और कपास का रिकॉर्ड उत्पादन होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। 

हालांकि, इस साल खरीफ सत्र के दौरान मोटा अनाज और तिलहन उत्पादन मामूली रूप से कम रहने का अनुमान है। धान जैसी खरीफ (गर्मी) फसलों की बुवाई जून से दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत के साथ शुरू होती है, जबकि अधिकांश हिस्सों में कटाई अक्टूबर से शुरू होती है। चालू खरीफ सत्र के लिए पहला अग्रिम खाद्यान्न उत्पादन अनुमान जारी करते हुए, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा: "खरीफ सत्र में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन 15 करोड़ पांच लाख टन होने का अनुमान है।" 

उन्होंने कहा कि किसान हितैषी सरकार की नीतियों के अलावा किसानों और वैज्ञानिकों की अथक मेहनत से भारी पैदावार हासिल हो रही है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 के खरीफ सत्र में दालों का उत्पादन बढ़कर 94.5 लाख टन होने की संभावना है, जो पिछले वर्ष 86.9 लाख टन रहा था। अरहर उत्पादन, जो मुख्य खरीफ दलहन है, पहले के 42.8 लाख टन से मामूली बढ़कर 44.3 लाख टन होने का अनुमान है। हालांकि मोटे अनाज का उत्पादन पहले के तीन करोड़ 64.6 लाख टन से घटकर तीन करोड़ 40 लाख टन रहने का अनुमान है। 

मोटे अनाजों में, मक्के का उत्पादन 2021-22 खरीफ सत्र में पिछले वर्ष के दो करोड़ 14 लाख टन से घटकर दो करोड़ 12 लाख 40 हजार टन रहने का अनुमान है। इसी तरह तिलहन उत्पादन पहले के दो करोड़ 40 लाख टन से घटकर दो करोड़ 34 लाख टन रहने का अनुमान है। तिलहनों में, मूंगफली उत्पादन पहले के 85.5 लाख टन के मुकाबले घटकर इस बार 82.5 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि सोयाबीन का उत्पादन पहले के एक करोड़ 28 लाख 90 हजार टन के मुकाबले घटकर एक करोड़ 27 लाख 20 हजार टन रहने का अनुमान है। 

नकदी फसलों के मामले में, गन्ना उत्पादन पिछले वर्ष के 39 करोड़ 92.5 लाख टन की तुलना में 2021-22 खरीफ सत्र के दौरान रिकॉर्ड 41 करोड़ 92.5 लाख टन होने का अनुमान है। कपास का उत्पादन भी पिछले वर्ष के तीन करोड़ 53.8 लाख गांठों की तुलना में इस बार तीन करोड़ 62.2 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किलोग्राम) का रिकॉर्ड उत्पादन होने की संभावना है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष के दौरान जूट और मेस्टा का उत्पादन पहले के 95.5 लाख गांठों की तुलना में 96.1 लाख गांठ (प्रत्येक 180 किलोग्राम) रहने का अनुमान है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा