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बजट 2020 में टैक्सपेयर्स को मिलेगी राहत! टैक्स स्लैब में हो सकता है ये बड़ा बदलाव

 Written By: India TV Business Desk
 Published : Jan 22, 2020 02:30 pm IST,  Updated : Jan 22, 2020 03:06 pm IST

आयकर दाताओं को इस बार आम बजट 2020-2021 में बड़ी राहत मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बड़ी कटौती हो सकती है।

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नई दिल्ली। आयकर दाताओं को इस बार आम बजट 2020-2021 में बड़ी राहत मिल सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बड़ी कटौती हो सकती है। अंग्रेजी समाचार चैनल सीएनएन न्यूज 18 के मुताबिक, इस बार इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की पूरी संभावना है। चैनल ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सरकार बजट इनकम टैक्स स्लैब में कटौती का प्रस्ताव करने जा रही है, अगर ऐसा होता है तो इससे मध्यमवर्ग को बड़ी राहत मिल सकती है।चैनल की खबर के मुताबिक 7 लाख तक सालाना कमाई पर 5  प्रतिशत

टैक्स का प्रस्ताव हो सकता है और 7 लाख से 10 लाख रुपए तक की सालाना कमाई पर 10 प्रतिशत टैक्स का प्रस्ताव संभव है। फिलहाल 5 लाख तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं है और 5 लाख से 10 लाख रुपए तक की कमाई पर 20 प्रतिशत और 10 लाख से ऊपर की कमाई पर 30 प्रतिशत टैक्स लगता है। वित्त मंत्री 1 फरवरी 2020 (शनिवार) को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आम बजट 2020-2021 पेश करेंगी। 

उपकर, अधिभार रहित चार दर वाले आयकर ढांचे गर्ग ने की थी वकालत

बता दें कि 19 जनवरी को आयकर स्लैब में बदलाव को लेकर बढ़ती सुगबुगाहट के बीच पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने बिना उपकर या अधिभार के चार दर वाले व्यक्तिगत आयकर ढांचे की वकालत की थी। वित्त मंत्रालय द्वारा सितंबर में कंपनी कर में भारी कटौती किये जाने के बाद व्यक्तिगत आयकर की दरों में कटौती की मांग जोर पकड़ने लगी है। अधिभार और उपकर के चलते व्यक्तिगत आयकर में विकृति बढ़ती चली गई है।

गर्ग ने कहा है, 'चालू वित्त वर्ष के दौरान कंपनी कर ढांचे को तर्कसंगत और प्रतिस्पर्धी बना दिया गया है। इस बारे में और किसी कदम की उम्मीद नहीं है। बहरहाल, व्यक्तिगत आयकर के कराधान ढांचे में कुछ प्रमुख कर सुधारों को आगे बढ़ाये जाने की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि आयकर के मामले में करीब आठ स्लैब हैं जिनमें सबसे ऊंची कर की दर 40 प्रतिशत से भी अधिक है। आयकर कर ढांचे में सुधार पर जोर देते हुये गर्ग ने कहा, 'पांच लाख रुपए सालाना तक की करयोग्य आय पर कोई कर नहीं होना चाहिये। पांच से दस लाख रुपए की आय पर पांच प्रतिशत, 10 से 25 लाख पर 15 प्रतिशत, 25 से 50 लाख रुपए की वार्षिक आय पर 25 प्रतिशत और 50 लाख रुपए से अधिक की आय पर 35 प्रतिशत की दर से आयकर होना चाहिये। इस तरह का व्यक्तिगत आयकर ढांचा काफी सरल और उचित ढांचा होगा।'

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