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जोखिम से बचने की अत्‍यधिक प्रवृत्ति पहुंचाएगी बैंकों को नुकसान, RBI गवर्नर दास ने किया सावधान

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Aug 27, 2020 01:09 pm IST,  Updated : Aug 27, 2020 01:09 pm IST

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ऋण समाधान ढांचे से कोविड-19 संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे कर्जदारों को टिकाऊ राहत मिलने की उम्मीद है।

Indian banking sector continues to be safe and stable, says RBI Governor Shaktikanta Das- India TV Hindi
Indian banking sector continues to be safe and stable, says RBI Governor Shaktikanta Das Image Source : INDIANEXPRESS

नई दिल्‍ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को बैंकों को सावधान करते हुए कहा कि जोखिम से जरूरत से ज्यादा बचने की प्रवृत्ति खुद उनके लिए नुकसानदायक होगी और यदि वे अपना बुनियादी काम भी नहीं करेंगे, तो कमाई भी नहीं कर सकेंगे। दास ने बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा आयोजित एक वेब गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि कर्ज देने से बचने की जगह बैंकों को अपने जोखिम प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचे में सुधार करना चाहिए और खुद में पर्याप्त लचीलापन लाना चाहिए।

कर्ज वृद्धि में सुस्ती की खबरों के बीच दास ने कहा कि जोखिम से जरूरत से ज्यादा बचने की प्रवृत्ति से अपना ही नुकसान हो सकता है, बैंक कमाई नहीं कर पाएंगे। अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कर्ज वृद्धि जरूरी है। बैंकर पिछले अनुभव को याद करते हैं और कर्ज को बिगड़ने से बचाने के लिए उनका इस बात पर ही जोर रहता है कि ऋण देने से ही बचा जाए।

दास ने कहा कि बैंक द्वारा धोखाधड़ी को रोकने की अपनी क्षमता में सुधार करने की पर्याप्त गुंजाइश है, ताकि वे कमजोरियों की तुरंत पहचान कर सकें। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कुल मिलाकर बैंकिंग प्रणाली मजबूत और स्थिर बनी हुई है और ऋणदाताओं को आने वाले समय में वृद्धि के नए मॉडल को विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि आरबीआई कोविड-19 महामारी से संबंधित उपायों को सोच-विचार कर वापस लेगा, लेकिन ऐसा बहुत जल्द नहीं होगा। उन्होंने कहा कि महामारी के खिलाफ सरकार ने वित्तीय स्तर पर काफी जिम्मेदारी, सूजबूझ और सोच विचार के साथ कदम उठाएं हैं। 

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ऋण समाधान ढांचे से कोविड-19 संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे कर्जदारों को टिकाऊ राहत मिलने की उम्मीद है। उन्‍होंने कहा कि महामारी की रोकथाम के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूती के रास्ते पर लाने के लिए सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा, साथ ही वित्तीय क्षेत्र को सामान्य स्थिति में लौटना चाहिए। दास ने स्पष्ट किया कि कुल मिलाकर, बैंकिंग क्षेत्र लगातार मजबूत और स्थिर बना हुआ है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का एकीकरण सही दिशा में एक कदम है, बैंकों का आकार जरूरी है, लेकिन दक्षता इससे भी महत्वपूर्ण है। गवर्नर ने कहा कि बैंकों में धोखाधड़ी से बचने के लिये सुधार लाने की काफी गुंजाइश है।

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