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PMC बैंक घोटाला: कोर्ट ने निलंबित एमडी जॉय थॉमस को 17 अक्टूबर तक हिरासत में भेजा, ईडी ने 12 लग्जरी कारें की जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 4,355 करोड़ रुपए के पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर 12 महंगी कारों को जब्त किया है। इसमें दो रॉल्स रॉयस, दो रेंज रोवर और एक बेंटली शामिल है

India TV Business Desk India TV Business Desk
Updated on: October 05, 2019 17:35 IST
HDIL Managing Director Sarang Wadhawan being produced at Killa Court in relation to an alleged fraud- India TV Paisa
Photo:PTI

HDIL Managing Director Sarang Wadhawan being produced at Killa Court in relation to an alleged fraud in the Punjab and Maharashtra Cooperative (PMC) Bank money-laundering case in Mumbai

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 4,355 करोड़ रुपए के पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर 12 महंगी कारों को जब्त किया है। इसमें दो रॉल्स रॉयस, दो रेंज रोवर और एक बेंटली शामिल है। मुंबई के छह स्थानों पर छापे के बाद एचडीआईएल के चेयरमैन राकेश वाधवान और उनके बेटे सारंग वाधवान की ये कारें जब्त की गईं। इस बीच ईडी ने पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक के लापता प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस को गिरफ्तार किया है।

पीएमसी बैंक घोटाला मामले में ताजा अपडेट के मुताबिक, शनिवार को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट ने पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक के निलंबित पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) जॉय थॉमस को 17 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। साथ ही पीएमसी बैंक घोटाले में आरोपी पीएमसी बैंक के पूर्व चेयरमैन वारयम सिंह ने आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को पत्र लिखा है। वरियम सिंह ने ईओडब्लू को खत लिखकर कहा है कि वह खुद को शनिवार शाम तक ईओडब्लू के सामने सरेंडर कर देंगे और उन्होंने जांच में सहयोग देने की भी बात कही है।

गौरतलब है कि विवादों में घिरे मुंबई के पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस को बैंक में 4,355 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया है। थॉमस की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले गुरुवार को रियलिटी कंपनी एचडीआईएल के अध्यक्ष राकेश कुमार वधावन और प्रबंधन निदेशक सारंग वधावन को इसी विभाग ने गिरफ्तार किया था और उनकी 3,500 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली थी।

ईडी ने हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रवर्तन मामले की जांच रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की है और मामले की जांच शुरू कर दी है। ईडी द्वारा दर्ज मामले में एचडीआईएल के कार्यकारी अध्यक्ष राकेश वाधवान और समूह के उपाध्यक्ष और उनके बेटे सारंग को नामजद किया गया है। ईडी ने मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

पीएमसी बैंक धोखाधड़ी में कथित भूमिका को लेकर गुरुवार को मुंबई पुलिस ने राकेश वाधवान और उनके बेटे सारंग को गिरफ्तार किया था। पिता और पुत्र दोनों को मुंबई पुलिस के ईओडब्ल्यू कार्यालय में बुलाया गया और जब जांचकर्ताओं ने पाया कि वे जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, तो उन्होंने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्ल्यू के प्रमुख राजवर्धन सिन्हा ने कहा, "हमने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।" यह आरोप लगाया गया है कि एचडीआईएल, जो दिवालियेपन की कार्यवाही का सामना कर रहा है, और उसकी समूह की कंपनियों ने पीएमसी बैंक से भारी कर्ज लिया था।

एफआईआर पीएमसी बैंक के रिकवरी डिपार्टमेंट के मैनेजर जसबीर सिंह मट्टा द्वारा दर्ज कराई गई। यह भी आरोप लगाया गया है कि 21,049 जाली बैंक खातों को कथित रूप से ऋण को छिपाने के लिए तैयार किया गया था, जो भारतीय रिजर्व बैंक के मानदंडों का उल्लंघन करते थे। उल्लेखनीय है कि आर्थिक अपराध शाखा ने पिछले सोमवार को पीएमसी बैंक और एचडीआईएल के खिलाफ कथित तौर पर 4,335 करोड़ रुपये का बैंक को नुकसान पहुंचाने के लिए एक मामला दर्ज किया था।

ईडी सूत्रों ने कहा कि पीएमसी बैंक के प्रबंधक (रिकवरी डिपार्टमेंट) की शिकायत के बाद एक मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एडीआईएल के संकटग्रस्त ऋण खातों को दबाने के लिए 21,000 से अधिक फर्जी खाते बनाए गए। मुंबई पुलिस की प्राथमिकी में थॉमस, सिंह, वाधवान और अन्य अधिकारियों के नाम हैं और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित किया गया है।

एचडीआईएल खरीदार एचडीआईएल के घर खरीदारों ने प्रधानमंत्री से की दखल की मांग 

घोटाले में फंसी रियल्टी कंपनी एचडीआईएल के घर खरीदारों के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में दखल देने की अपील की है। व्हिस्परिंग टावर्स फ्लैट ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को एक सितंबर को लिखे एक पत्र में कहा कि वह मामले में दखल दें। उन्होंने कहा कि 450 से अधिक परिवारों ने एचडीआईएल को करीब 350 करोड़ रुपए का भुगतान किया, लेकिन परियोजना पिछले नौ साल से अटकी हुई है। एसोसिएशन ने कहा, 'परियोजना 2010 में पेश की गयी और तभी से बुकिंग लिये जाने लगे। लेकिन पिछले नौ साल में 46 मंजिले टावर का सिर्फ 18 मंजिल तैयार हुआ। दूसरे चरण का काम शुरू ही नहीं हुआ।' एसोसिएशन के एक सदस्य श्याम चिट्टारी ने ट्विटर पर यह पत्र डाला है। एसोसिएशन ने नाहुर के मैजेस्टिक टावर और पालघर के पैराडाइज सिटी जैसी कुछ अन्य परियोजनाओं के भी अटकने की आशंका व्यक्त की। 

बैंक को हुआ 4355.46 का नुकसान

प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने कहा, पीएमसी बैंक को 2008 से अब तक करीब 4355.46 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पुलिस ने एफआईआर में पूर्व चेयरमैन वारयम सिंह, प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस और अन्य वरिष्ठ अधिकरियों समेत एडीआईएल के प्रबंध निदेशक राकेश वधावन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें कहा गया कि एडीआईएल के प्रमोटर्स ने कथित तौर पर बैंक प्रबंधन के साथ साठगांठ कर बैंक की भांडुप शाखा से कर्ज लिया। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने कर्ज अदायगी के अलावा इस कर्ज को एनपीए के रूप में भी दर्ज नहीं किया और जानबूझकर इसकी जानकारी आरबीआई से भी छिपाई। इसके अलावा उन कंपनियों के फर्जी खाते भी बनाये गए जिन्होंने छोटी रकम उधार ली। नियामक निगरानी से बचने के लिए बैंक की फर्जी रिपोर्ट भी तैयार की गई। सूत्रों के मुताबिक ईडी अब आरोपियों की कथित दागी संपत्ति के साक्ष्य तलाश रही है ताकि उन्हें धनशोधन रोधी कानून के तहत संलग्न किया जा सके। 

chunav manch
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