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RBI ने साफ किया रिटेल कर्ज सस्‍ता करने का रास्‍ता, जानिए मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक की मुख्‍य बातें

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : Feb 07, 2019 03:46 pm IST,  Updated : Feb 07, 2019 03:46 pm IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश की। इसकी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

RBI- India TV Hindi
RBI Image Source : RBI

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को छठी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश की। इसकी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: 

 

  • नीतिगत ब्याज दर (रेपो) 6.50 प्रतिशत से घटाकर 6.25 प्रतिशत की गई। 
  • रिवर्स रेपो दर भी इसी अनुपात में कम होकर 6 प्रतिशत रह गई। 
  • बैंक दर, सीमांत स्थायी दर 6.5 प्रतिशत रही। 
  • नकद आरक्षित अनुपात 4 प्रतिशत पर बरकरार। 
  • मार्च तिमाही के लिए मुख्य मुद्रास्फीति (हेडलाइन) अनुमान को कम कर 2.8 प्रतिशत किया गया। 
  • अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में मुद्रास्फीति 3.2 से 3.4 प्रतिशत तथा तीसरी तिमाही में 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान। 
  • जीडीपी वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जो 2018-19 में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। 
  • वित्त वर्ष 2019-20 में अप्रैल-सितंबर के दौरान वृद्धि दर 7.2 से 7.4 प्रतिशत तथा तीसरी तिमाही में 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान। 
  • तेल कीमत परिदृश्य अस्पष्ट, व्यापार तनाव का वैश्विक वृद्धि संभावना पर होगा असर। 
  • केंद्रीय बजट प्रस्तावों से खर्च योग्य आय बढ़ेगी जिससे मांग को बढ़ावा मिलेगा। 
  • एकबार में थोक जमा परिभाषा को संशोधित किया गया। अब एक करोड़ रुपये के बजाए एक बार में 2 करोड़ रुपए अथवा इससे अधिक की जमा इस श्रेणी में आएगी। 
  • बड़ी श्रेणियों की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में तालमेल को लेकर दिशानिर्देश जारी किया जाएगा। 
  • रुपए के मूल्य में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विदेशी रुपया बाजार के लिए कार्य बल गठित करने का प्रस्ताव। 
  • कंपनी बांड बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के निवेश पर पाबंदी हटी।
  • भुगतान के लिए मंच उपलब्ध कराने की सेवा देने वाले तथा भुगतान संग्राहक के लिए परिचर्चा पत्र लाया जाएगा। 
  • बिना गारंटी के कृषि कर्ज देने की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.60 लाख रुपए की गई। इससे छोटे एवं सीमांत किसानों को मदद मिलेगी। 
  • कृषि कर्ज की समीक्षा के लिए कार्यकारी समूह का गठन। 
  • मौद्रिक नीति समिति के चार सदस्यों ने नीतिगत दर में कटौती के पक्ष में तथा दो ने यथास्थिति बनाए रखने को लेकर मत दिया। 
  • समिति के दो सदस्यों चेतन घाटे तथा विरल आचार्य यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष में थे। 
  • मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 2-4 अप्रैल को होगी। 
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