नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय को अगले वित्त वर्ष 2019-20 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से 69,000 करोड़ रुपए का लाभांश मिलने की उम्मीद है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सरकार ने अगले वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 82,911.56 करोड़ रुपए का लाभांश या अधिशेष मिलने का अनुमान लगाया है।
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यदि रिजर्व बैंक का केंद्रीय बोर्ड चालू वित्त वर्ष में 28,000 करोड़ रुपए के अंतरिम लाभांश को हस्तांतरित करने के सरकार के आग्रह को स्वीकार कर लेता है तो चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय बैंक से सरकार को कुल अधिशेष हस्तांतरण 68,000 करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगा। रिजर्व बैंक का वित्त वर्ष जुलाई से जून होता है। केंद्रीय बैंक सरकार को चालू वित्त वर्ष में पहले ही 40,000 करोड़ रुपए हस्तांतरित कर चुका है।
रिजर्व बैंक से लाभांश और अन्य स्रोतों से होने वाली प्राप्तियों से सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पाने में मदद मिलती है। अंतरिम बजट 2019-20 में सरकार ने अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 3.4 प्रतिशत रहने का लक्ष्य तय किया है।
सरकार राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए एक रोडमैप भी लेकर आई है, कुल खर्च और राजस्व के बीच के अंतर को राजकोषीय घाटा कहा जाता है। सरकार ने 2020-21 तक राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य तय किया है।