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भारत में विदेशी निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक कंप्यूटर सेक्टर, बीते वित्त वर्ष मे सबसे ज्यादा FDI

 Edited By: India TV Paisa Desk
 Published : May 29, 2021 04:41 pm IST,  Updated : May 29, 2021 05:08 pm IST

सिंगापुर पहले स्थान पर बना हुआ है। वर्ष 2020-21 में अमेरिका से भारत को 13.82 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ।

भारत में अमेरिका से FDI...- India TV Hindi
भारत में अमेरिका से FDI बढ़ा   Image Source : PTI

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच तकनीक पर बढ़ते जोर को देखते हुए भारत का कंप्यूटर सेक्टर विदेशी निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। बीते वित्त वर्ष में सेक्टर को सबसे ज्यादा विदेशी निवेश मिला है। वहीं इस दौरान अमेरिका से आने वाले प्रत्यक्ष निवेश में बढ़त देखने को मिली है 

अमेरिका भारत में प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) का दूसरा प्रमुख स्रोत हो गया है और उसने मॉरीशस को तीसरे स्थान पर धकेल दिया है। सिंगापुर पहले स्थान पर बना हुआ है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020-21 में अमेरिका से भारत को 13.82 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ। इस दौरान सिंगापुर से प्राप्त एफडीआई 17.41 अरब डॉलर रहा। वर्ष के दौरान मॉरीशस से 5.64 अरब डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात से (4.2 अरब डॉलर), केमन आइलैंड (2.79 अरब), नीदरलैंड (2.78 अरब), ब्रिटेन (2.04 अरब), जापान (1.95 अरब डॉलर), जर्मनी (66.7 करोड़ डॉलर) और साइप्रस से 38.6 करोड़ डॉलर का एडीआई आया। 

सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 के दौरान भारत में एफडीआई 19 प्रतिशत बढ़कर 59.64 अरब डॉलर के बराबर रहा। सरकार ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इस दौरान कई नीतिगत सुधार , निवेश की सुविधा तथा कारोबार में और आसानी के लिए कई कदम उठाये हैं। यदि इसमें पहले के एफडीआई निवेशकों द्वारा पूंजी और लाभ के पुनर्निवेश को जोड़ दे तो वर्ष 2020-21 में कुल एफडीआई 81.72 अरब डॉलर के बराबर रहा जोकि 2019-20 के 74.39 अरब डॉलर से दस प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंप्यूटर, सॉफ्टेयर और हार्डवयर क्षेत्र 26.14 अरब डॉलर के निवेश के साथ एफडीआई आकर्षित करने के मामले में सबसे ऊपर रहा। उसके बाद बुनियाद ढांचा (7.87 अरब डॉलर) और सेवा क्षेत्र (पांच अरब डॉलर) का स्थान रहा। 

 

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