Thursday, May 23, 2024
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Digi Yatra की सुविधा इन 14 एयरपोर्ट पर इसी महीने के आखिर तक हो जाएगी शुरू, आपका शहर भी तो नहीं!

डिजी यात्रा ऐप पर आप खुद को रजिस्टर कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इससे आप एयरपोर्ट पर एंट्री के लिए लंबी लाइन में खड़े होने से बच जाएंगे।

Edited By: Sourabha Suman @sourabhasuman
Updated on: April 11, 2024 17:24 IST
डिजी यात्रा के लिए यात्री द्वारा साझा किया गया डेटा एक एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में स्टोर किया जाता है।- India TV Paisa
Photo:FILE डिजी यात्रा के लिए यात्री द्वारा साझा किया गया डेटा एक एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में स्टोर किया जाता है।

हवाई सफर के लिए एयरपोर्ट पर एंट्री के लिए लंबी लाइन से मुक्ति दिलाने वाली सुविधा डिजी यात्रा को इस महीने के आखिर तक देश के 14 अन्य एयरपोर्ट पर उपलब्ध कराया जा सकता है। फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी (एफआरटी) पर आधारित, डिजी यात्रा एयरपोर्ट पर विभिन्न चेक प्वाइंट पर यात्रियों की संपर्क रहित, निर्बाध आवाजाही प्रदान करती है। देश में फिलहाल इस सुविधा के करीब 50 लाख (5 मिलियन) यूजर्स हैं। भाषा की खबर के मुताबिक, यह सुविधा अब घरेलू यात्रियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न संबंधित हितधारकों के साथ चर्चा चल रही है।

इन एयरपोर्ट पर शुरू होगी सुविधा

खबर के मुताबिक, डिजी यात्रा फाउंडेशन के सीईओ सुरेश खडकभावी ने बताया कि डिजी यात्रा अप्रैल के आखिर तक 14 और एयरपोर्ट पर उपलब्ध होने की उम्मीद है। एक गैर-लाभकारी संस्था, फाउंडेशन डिजी यात्रा के लिए नोडल एजेंसी है, जिसे दिसंबर 2022 में पेश किया गया था। जिन 14 नए एयरपोर्ट पर जहां यह सुविधा जल्द ही शुरू की जानी है, वे हैं बागडोगरा, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, कोयंबटूर, डाबोलिम, इंदौर, मैंगलोर, पटना, रायपुर, रांची, श्रीनगर, तिरुवनंतपुरम और विशाखापत्तनम। डिजी यात्रा धीरे-धीरे गति पकड़ रही है, हालांकि, यात्रियों के डेटा की गोपनीयता के बारे में विभिन्न क्षेत्रों में चिंता व्यक्त की गई है। चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए, खड़कभवी ने कहा कि डिजी यात्रा के पास किसी भी यात्री का डेटा नहीं है। डेटा सिर्फ (उपयोगकर्ता के) फोन में ही रहता है और यह यात्री के ही नियंत्रण में होता है।

कैसे काम करता है डिजी यात्रा

डिजी यात्रा के लिए यात्री द्वारा साझा किया गया डेटा एक एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में स्टोर किया जाता है। सेवा का लाभ उठाने के लिए, पैसेंजर को आधार बेस्ड वेरिफिकेशन और एक सेल्फी फोटो  कैप्चर का इस्तेमाल करके डिजी यात्रा ऐप पर अपना विवरण रजिस्टर करना होता है। अगले फेज में बोर्डिंग पास को स्कैन करना होता है और क्रेडेंशियल्स एयरपोर्ट के साथ शेयर किए जाते हैं। एयरपोर्ट ई-गेट पर यात्री को पहले बार-कोडेड बोर्डिंग पास को स्कैन करना होता है और ई-गेट पर लगे चेहरे की पहचान प्रणाली यात्री की पहचान और यात्रा दस्तावेज को वैलिड करती है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद यात्री ई-गेट के जरिए एयरपोर्ट में प्रवेश कर सकता है। हां, यात्री को सुरक्षा घेरे से बाहर निकलने और विमान में चढ़ने के लिए सामान्य प्रक्रिया का पालन करना होगा।

डिजी यात्रा फाउंडेशन के शेयरधारक

खडकभावी ने कहा कि डिजी यात्रा को लेकर यूजर्स के लिए अधिक यूजर फ्रेंडली अनुभव सुनिश्चित करने के लिए काम किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए सुविधा उपलब्ध कराने पर उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के साथ चर्चा चल रही है। फाउंडेशन के शेयरधारक भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई), कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएएल), बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआईएएल), दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल), हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एचआईएएल) और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) हैं।

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