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टूरिज्म सेक्टर में रोजगार पैदा करने के मौजूदा अवसरों का फायदा उठाने की है जरूरत: आर्थिक सर्वेक्षण 2024

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Jul 22, 2024 04:41 pm IST,  Updated : Jul 22, 2024 04:41 pm IST

भारत ने पिछले साल पर्यटन से 2.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा अर्जित की हैं, जो 65.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार को संगठित बनाने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने अतुल्य भारत पर्यटन सुविधा प्रदाता प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया है।

वित्त वर्ष 2023-24 में होटल क्षेत्र में कमरों का दैनिक किराया 6,704 रुपये से बढ़कर 7,616 रुपये हो गय- India TV Hindi
वित्त वर्ष 2023-24 में होटल क्षेत्र में कमरों का दैनिक किराया 6,704 रुपये से बढ़कर 7,616 रुपये हो गया। Image Source : INDIA TV

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से संसद में सोमवार को पेश की गई आर्थिक समीक्षा 2023-24 में कहा गया है कि भारत को पर्यटन क्षेत्र यानी टूरिज्म सेक्टर में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की जरूरत है। पर्यटन क्षेत्र ने एआई, संरक्षणवाद और सप्लाई संबंधी चिंताओं के कारण सेवा और विनिर्माण उद्योगों में चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच रोजगार सृजन के लिए अपेक्षाकृत आसान अवसर मुहैया कराए हैं। भाषा की खबर के मुताबिक, आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि भारत के पर्यटन उद्योग ने कोविड महामारी के बाद वापसी की है और साल 2023 में 92 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ। यह 43.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है।

2023 में सबसे अधिक नई सप्लाई

रिपोर्ट के मुताबिक, होटल उद्योग ने भी 14,000 कमरों को जोड़कर 2023 में सबसे अधिक नई सप्लाई करके पर्यटकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए कदम बढ़ाया है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की यात्रा और पर्यटन विकास सूचकांक (टीटीडीआई) 2024 रिपोर्ट का हवाला देते हुए आर्थिक समीक्षा ने पर्यटक सेवाओं और बुनियादी ढांचे में सुधार और कुशल कार्यबल के विकास की जरूरत पर जोर दिया है। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि  एआई के उभरने के चलते सेवाओं में और संरक्षणवाद, परिवहन लागत और आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण विनिर्माण में रोजगार सृजन के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल है। इसमें पर्यटन क्षेत्र रोजगार सृजन के लिए अपेक्षाकृत आसान क्षेत्र है। भारत को इस अवसर का लाभ उठाना होगा।

पर्यटन मंत्रालय की खास पहल

पर्यटन क्षेत्र में रोजगार को संगठित बनाने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने अतुल्य भारत पर्यटन सुविधा प्रदाता प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें कहा गया है कि इसका मकसद एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये देशभर में पर्यटक सुविधा प्रदाताओं का एक कुशल कैडर तैयार करना है, जो ऑनलाइन शिक्षण के अवसर और प्रमाणन पाठ्यक्रम प्रदान करता है। समीक्षा में स्वीकार किया गया है कि भारत का यात्रा और पर्यटन (टीएंडटी) क्षेत्र दूसरी अर्थव्यवस्थाओं की तरह वैश्विक मुद्रास्फीतिक दबाव और क्षमता में देरी से प्रभावित हुआ है। इसमें कहा गया कि हालांकि, 2021 से मूल्य प्रतिस्पर्धा में गिरावट अपने समकक्षों की तुलना में न्यूनतम रही है और इसमें केवल 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई है।

पर्यटन से विदेशी मुद्रा

भारत ने पिछले साल पर्यटन से 2.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा अर्जित की हैं, जो 65.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है। समीक्षा में कहा गया कि विश्व पर्यटन प्राप्तियों में देश की विदेशी मुद्रा आय का हिस्सा 2021 के 1.38 प्रतिशत से बढ़कर 2022 में 1.58 प्रतिशत हो गया है। समीक्षा के अनुसार, इसी प्रकार होटल उद्योग पर्यटकों की बढ़ती हुई आवश्यकताओं को पूरा करने तथा समग्र अतिथि अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आगे आया है। समीक्षा में कहा गया कि होटल भी नवीन परिचालन रणनीतियों को अपना रहे हैं। इसमें बाहरी रेस्तरां, स्पा और लाउंज ब्रांड को पट्टे पर लेना या उनका प्रबंधन करना आदि शामिल है। वित्त वर्ष 2023-24 में होटल क्षेत्र में कमरों का दैनिक किराया 6,704 रुपये से बढ़कर 7,616 रुपये हो गया, जो कि वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 13.6 प्रतिशत की वृद्धि है।

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