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होम लोन महंगा होने से घर की बिक्री पर नहीं कोई असर, त्योहारी सीजन में आ सकती है मांग में वृद्धि

 Edited By: India TV Business Desk
 Published : Aug 21, 2022 05:44 pm IST,  Updated : Aug 21, 2022 05:44 pm IST

होम लोन (Home Loan) महंगा होने और संपत्तियों के दाम बढ़ने के बावजूद देश के टॉप सात शहरों में इस साल आवासीय इकाइयों की बिक्री के पूर्व-महामारी स्तर से आगे निकल जाने की संभावना है।

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होम लोन महंगा होने से घर की बिक्री पर नहीं कोई असर Image Source : INDIA TV

होम लोन (Home Loan) महंगा होने और संपत्तियों के दाम बढ़ने के बावजूद देश के टॉप सात शहरों में इस साल आवासीय इकाइयों की बिक्री के पूर्व-महामारी स्तर से आगे निकल जाने की संभावना है। एक्सपर्ट का मानना ​​है कि पिछले छह वर्षों में नोटबंदी, रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के गठन, जीएसटी लागू होने और कोविड-19 महामारी जैसी लगातार चार बाधाएं आने के बाद देश का आवासीय बाजार बहुत सारे संरचनात्मक परिवर्तनों से गुजर रहा है और अब एक लंबी अवधि के वृद्धि की शुरुआत हो रही है। 

त्योहारी सीजन में मांग में आएगी वृद्धि

आरबीआई की तरफ से नीतिगत रेपो दर में इस साल कुल 1.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने और बैंकों की तरफ से इसका बोझ होम लोन लेने वाले कर्जदारों पर डालने से घरों की बिक्री की गति धीमी हुई है। इसके अलावा आवासीय इकाइयों की कीमतों में बीते एक साल में दर्ज की गई उच्च वृद्धि ने भी कई लोगों को घर खरीद की योजना टालने के लिए मजबूर किया है। निर्माण की उच्च लागत, खासकर सीमेंट और इस्पात की लागत बढ़ने के कारण जून तिमाही में कीमतों में सालाना आधार पर औसतन पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन डेवलपरों और ब्रोकरों का मानना ​​है कि लागत में वृद्धि अल्पकालिक है और त्योहारी सीजन से मांग में एक बार फिर तेजी आएगी। 

संपत्ति सलाहकार फर्म एनारॉक ने कहा कि इस साल देश के सात प्रमुख शहरों- दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे में आवासीय इकाइयों की बिक्री कोविड-पूर्व स्तर यानी 2019 में दर्ज की गई 2,61,358 इकाइयों को पार कर जाएगी। हालांकि फिर भी बिक्री वर्ष 2014 के 3.43 लाख इकाइयों के आंकड़े से कम होगी। एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि रेपो रेट में बढ़ोतरी का जून तिमाही में आवास की बिक्री पर कुछ असर पड़ा है, जो पिछली तिमाही से 15 फीसदी कम है। 

रियल स्टेट में बढ़ेंगे मौके

मैक्रोटेक डेवलपर्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अभिषेक लोढ़ा ने कहा कि भारत का रियल स्टेट संरचनात्मक उत्थान के शुरुआती दौर में है। उन्होंने अगले 10-20 वर्षों के लिए विकास पर आशावादी नजरिया रखते हुए कहा कि आवास की कीमतों में मामूली वृद्धि बाजार के लिए अच्छी है। लोढ़ा ने पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में कहा, "ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि आवास ऋण पर 8.5-9 प्रतिशत ब्याज दरों तक आवास की मांग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। गोदरेज प्रॉपर्टीज के कार्यकारी चेयरमैन पिरोजशा गोदरेज ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बाजार में सबसे अच्छी किफायत देखी गई क्योंकि ब्याज दरें 6.5 से सात प्रतिशत तक कम हो गई थीं। 

इस दौरान संपत्ति की कीमतें भी पिछले सात-आठ वर्षों से कमोबेश स्थिर बनी हुई थीं। उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी और घरों की कीमतें बढ़ने के बावजूद किफायत स्तर अब भी आकर्षक बना हुआ है। घर खरीदारों की शीर्ष संस्था एफपीसीई के अध्यक्ष अभय उपाध्याय ने कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय से चली आ रही मांग अब वास्तविक लेनदेन में परिवर्तित हो रही है। उन्होंने कहा कि आवास बिक्री की गति बरकरार रह सकती है बशर्ते बिल्डर्स समय पर फ्लैट की डिलिवरी के वादों पर खरे उतरें। 

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