होम लोन लेना आपकी उम्र, मंथली इनकम, सिबिल स्कोर और मौजूदा लोन के आकलन पर निर्भर करता है। बैंक इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही लोन अप्रूव करते हैं।
घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, लेकिन इससे पहले सबसे जरूरी सवाल होता है कि होम लोन की EMI कितनी बनेगी? अगर आप 1 करोड़ रुपये का होम लोन लेने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो बजट बनाने से पहले इसकी पूरी गणना समझना बेहद जरूरी है।
घर खरीदने का सपना हर भारतीय के दिल में होता है, लेकिन आजकल बढ़ती महंगाई और किफायती फाइनेंसिंग की कमी के कारण यह सपना पूरा करना आसान नहीं रहा। ऐसे में अगर आपको सबसे सस्ता होम लोन मिल जाए, तो आपके लिए यह सौभाग्य से कम नहीं है।
होम लोन एलिजिबिलिटी कुछ क्राइटेरिया का एक सेट है, जिसके आधार पर कोई फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन किसी कस्टमर की क्रेडिट योग्यता का आकलन करता है ताकि वह एक खास लोन अमाउंट ले सके और उसे चुका सके।
लोन अमाउंट और EMI आपकी सैलरी के साथ-साथ क्रेडिट स्कोर और चुनी गई अवधि पर काफी हद तक निर्भर करती है। होम लोन लेने से पहले आपको इससे जुड़ा होम वर्क जरूर कर लेना चाहिए, ताकि लोन की ईएमआई के साथ-साथ घर का बजट संतुलित रह सके।
भारतीय स्टेट बैंक अब सिर्फ 7.25 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दरों पर होम लोन ऑफर कर रहा है।
घर खरीदना हर मिडिल क्लास परिवार का सपना होता है, लेकिन जैसे ही 20-25 साल का होम लोन शुरू होता है, EMI की लंबी कतार कई बार इस सपने को भारी बना देती है। लेकिन अगर सही समय पर एक स्मार्ट फैसला लिया जाए, तो लाखों रुपये की बचत की जा सकती है।
बैंक ब्याज दर आपकी इनकम, उम्र, सिबिल स्कोर और लोन रीपेमेंट की अवधि के मुताबिक तय करता है। अगर आपका पिछला कोई लोन या ईएमआई नहीं चर रहा है तो आपको होम लोन मिलने में थोड़ी आसानी हो जाती है।
सबसे सस्ता होम लोन देने के मामले में प्राइवेट बैंक थोड़ा पीछे चल रहे हैं। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक जैसे बड़े प्राइवेट बैंक तो इस लिस्ट में काफी पीछे हैं।
अगर लोन लेने के बाद किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो बैंक सबसे पहले उस लोन अकाउंट के को-ऐप्लिकैंट से संपर्क करेगा।
कोई बैंक या वित्तीय संस्थान अपनी सबसे कम ब्याज दर पर मजबूत आर्थिक बैकग्राउंड और सिबिल स्कोर के आधार पर होन लोन ऑफर करता है। कई बैंक प्री-पेमेंट पर भी कोई चार्ज नहीं ले रहे हैं।
पब्लिक सेक्टर का बैंक ऑफ बड़ौदा अब सिर्फ 7.20 प्रतिशत की शुरुआती दरों से होम लोन दे रहा है।
अगर आप किसी भी वजह से होम लोन की एक भी ईएमआई भरने में चूक जाते हैं, तो सबसे पहले आपके क्रेडिट स्कोर पर इसका बुरा असर पड़ेगा।
घर खरीदने का सपना पूरा होते ही ज्यादातर लोगों के लिए असली चुनौती शुरू होती है 20 से 30 साल तक चलने वाली होम लोन EMI की। हर महीने तय रकम चुकाते रहना, बढ़ते ब्याज का बोझ और लंबा लोन टेन्योर कई बार मानसिक दबाव भी बढ़ा देता है। हालांकि, एक स्मार्ट तरीका आपके 15-18 लाख रुपये बचा सकता है। आइए समझते हैं कैसे?
आरबीआई द्वारा रेपो रेट घटाए जाने से होम लोन से लेकर कार लोन और पर्सनल लोन से लेकर एजुकेशन लोन समेत सभी तरह के लोन की ब्याज दरें कम हो गई हैं।
अगर आपका सिबिल स्कोर 800 या इससे ज्यादा है तो आपके लिए सबसे सस्ती दर पर होम लोन सरकारी बैंक से पाने का शानदार मौका है। ज्यादातर बैंक बहुत अच्छे सिबिल स्कोर वाले लोगों को सबसे सस्ती दर पर होम लोन देते हैं।
घर खरीदने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन होम लोन की भारी EMI और लंबे समय तक चलने वाली किस्तें कई बार लोगों को परेशान कर देती हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि EMI, सेविंग और बाकी खर्चों का सही संतुलन कैसे बनाया जाए?
होम लोन आपका मैक्सिमम कितना मिलेगा, यह आपकी नौकरी, आपकी मंथली इनकम, उम्र, सिबिल स्कोर और लोन अवधि पर निर्भर है। अगर आपका सिबिल स्कोर बेहतरीन है तो आपको सबसे बेस्ट होम लोन मिल सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने शुक्रवार को रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया था।
RBI ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 0.25% की कटौती कर दी है। इस फैसले का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा, क्योंकि अब होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI पहले से कम हो जाएगी। आइए जानते हैं कि आपकी EMI कितनी कम होगी?
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