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होम या कार लोन लेने से पहले जान लें 30% रूल, नहीं तो EMI बना देगी आपकी जिंदगी मुश्किल!

 Written By: Shivendra Singh
 Published : May 03, 2026 04:07 pm IST,  Updated : May 03, 2026 04:07 pm IST

घर या कार खरीदना हर किसी का सपना होता है और आजकल बैंक भी आसानी से लोन उपलब्ध करा देते हैं। लेकिन लोन लेना जितना आसान है, उसे चुकाना उतना ही चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कई लोग बिना सोचे-समझे बड़ी EMI ले लेते हैं और बाद में आर्थिक दबाव में आ जाते हैं।

लोन लेने से पहले 30% रूल...- India TV Hindi
लोन लेने से पहले 30% रूल बताएगा सही रास्ता Image Source : CANVA

घर या कार खरीदना हर किसी का सपना होता है। आज के समय में बैंक आसानी से लोन दे देते हैं, लेकिन असली चुनौती लोन लेना नहीं, बल्कि उसे आराम से चुकाना होती है। कई लोग बिना सोचे-समझे ज्यादा EMI का बोझ उठा लेते हैं और बाद में आर्थिक दबाव में आ जाते हैं। ऐसे में 30% रूल एक आसान और समझदारी भरा तरीका है, जो आपकी फाइनेंशियल लाइफ को बैलेंस रखने में मदद करता है।

30% रूल के अनुसार, आपकी महीने की कुल आय का अधिकतम 30 प्रतिशत हिस्सा ही EMI में जाना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आपकी सैलरी ₹1 लाख है, तो आपकी सभी EMI मिलाकर ₹30,000 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसमें होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड बकाया सभी शामिल होते हैं।

क्यों जरूरी है यह नियम?

हर महीने की कमाई सिर्फ EMI चुकाने के लिए नहीं होती। घर खर्च, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल जरूरतें, इंश्योरेंस और बचत भी उतनी ही जरूरी हैं। अगर आप 30% सीमा के भीतर रहते हैं, तो आपके पास इमरजेंसी के लिए पैसे बचते हैं और आपको आर्थिक तनाव नहीं होता।

30% से ज्यादा EMI लेने का खतरा

शुरुआत में 35-40% EMI संभालना आसान लग सकता है, लेकिन समय के साथ मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अचानक मेडिकल खर्च, नौकरी में बदलाव या किसी इमरजेंसी में आपकी स्थिति खराब हो सकती है। ज्यादा EMI होने पर लोग बचत और निवेश बंद कर देते हैं, जिससे भविष्य की फाइनेंशियल प्लानिंग प्रभावित होती है।

कब बढ़ा सकते हैं यह सीमा?

कुछ खास परिस्थितियों में आप 30% से थोड़ा ज्यादा EMI ले सकते हैं। जैसे अगर आप करियर की शुरुआत में हैं और आने वाले समय में आय बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, जिन लोगों की जिम्मेदारियां कम हैं, वे थोड़ा ज्यादा रिस्क उठा सकते हैं। लेकिन परिवार वाले लोगों को इस सीमा में रहना ही बेहतर होता है।

लोन अप्रूवल नहीं, अपनी क्षमता देखें

बैंक आपको आपकी सैलरी के आधार पर ज्यादा लोन दे सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको उतना लोन लेना ही चाहिए। सही फैसला वही है, जिसमें EMI देने के बाद भी आपकी लाइफस्टाइल और बचत प्रभावित न हो।

सुरक्षित EMI जोन

20-30%: सबसे सुरक्षित

30-40%: सावधानी जरूरी
40% से ज्यादा: हाई रिस्क

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