एचडीएफसी बैंक अब 7.90 प्रतिशत की शुरुआती दरों से होम लोन ऑफर कर रहा है।
पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ बड़ौदा भी होम लोन की ब्याज दरों में कटौती कर चुका है। बैंक ऑफ बड़ौदा अब 7.45 प्रतिशत की शुरुआती दरों से होम लोन ऑफर कर रहा है।
अगर आप घर खरीदने की सोच रहे हैं या पहले से होम लोन चुका रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। एक सरकारी बैंक ने अपने ग्राहकों को राहत देते हुए लोन की ब्याज दरें घटाने का ऐलान किया है।
आरबीआई द्वारा रेपो रेट घटाए जाने के बाद देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक- भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भी होम लोन की दरों में 1 प्रतिशत की कटौती की है।
SBI ने सभी के लिए कमाल का ऑफर निकाला है। अगर आपकी कंपनी सैलरी स्लिप नहीं देती है तो आपको टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है। एसबीआई से आपको सैलरी स्लिप के बिना ही होम लोन मिल जाएगा।
होम लोन के लिए अप्लाई करने से पहले आपको कुछ होम वर्क कर लेना चाहिए। इसमें आपका सिबिल स्कोर कितना मजबूत है, इसको देखते हुए ही अप्लाई करें तो बेहतर रहेगा।
तत्काल बदलावों से बैंकों को लोन देने में ज्यादा छूट मिलेगी। ब्याज दरों के अंतर को अब जल्दी समायोजित किया जा सकता है और कुछ ग्राहक शुल्कों में 3 साल के लिए लॉक-इन के बजाय कभी भी कटौती की जा सकती है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) 29 सितंबर से 3 दिन तक विचार-विमर्श के लिए बैठक करेगी।
यह स्मार्ट स्ट्रैटेजी आपके होम लोन पर चुकाए गए ब्याज की रकम को रिकवर करा देगी। यह आपको मानसिक और आर्थिक रूप से राहत देती है, और लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन का भी जरिया बनती है।
अगर आपका पिछला कोई लोन नहीं चल रहा है और एक निश्चित मंथली इनकम है तो बेहतर सिबिल स्कोर होने पर होम लोन मिलना आसान हो जाता है। बैंक ऐसे ग्राहकों का एप्लीकेशन जल्द अप्रूव करते हैं।
जून 2025 में पब्लिक सेक्टर बैंकों का होम लोन बाजार में हिस्सा 46.2% तक पहुंच गया, जबकि प्राइवेट बैंक की और कम हो गई। इसके अलावा, अनसिक्योर्ड लेंडिंग जैसे पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड में ग्रोथ में कमी आई है।
पीएनबी ने एमसीएलआर में 15 बेसिस पॉइंट्स तक की कटौती की है और बैंक ऑफ इंडिया ने ओवरनाइट अवधि को छोड़कर बाकी सभी अवधि के लोन के लिए ब्याज दरों में 5 से लेकर 15 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है।
इस नई बढ़ोतरी के बाद, नए ग्राहकों के लिए होम लोन की नई दरें 7.5% से 8.70% के बीच होंगी।
अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी राकेश यादव ने कहा कि आरबीआई की आज की पॉलिसी से पहले रेपो रेट में तीन बार लगातार कटौती हुई है। इससे होम लोन सस्ता हुआ है और लोगों पर ईएमआई का बोझ कम हुआ है।
दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक दरों में एक और कटौती कर सकता है क्योंकि वृद्धि के दृष्टिकोण के लिए चुनौतियां संभावित मुद्रास्फीति जोखिमों से ज़्यादा हैं।
अगर आप खुद की जमीन पर घर बनवाने की योजना बना रहे हैं तो सेल्फ-कंस्ट्रक्शन होम लोन एक बेहतर विकल्प है। बैंक आसानी से यह लोन देते हैं।
होम लोन लंबी अवधि की एक बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में इनकम, बजट, रीपेमेंट की क्षमता और बाकी जिम्मेदारियों का आकलन करने के बाद ही होम लोन की राशि तय करनी चाहिए।
आरबीआई की तरफ से रेपो रेट में आधा प्रतिशत कटौती होने के बाद तमाम बैंकों ने लोन सस्ता किया है। कई सरकारी बैंक तो सबसे सस्ती दर पर हाउसिंग लोन मुहैया करा रहे हैं।
आरबीआई द्वारा 2025 में रेपो दर में 100 बीपीएस की कटौती किए जाने के कारण होम लोन की ईएमआई घटी है। इसके बावजूद अगर आप अधिक ईएमआई दे रहे हैं तो बैलेंस ट्रांसफर के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।
होम लोन में को-आवेदक की मृत्यु एक भावनात्मक और वित्तीय संकट दोनों पैदा करता है। इसलिए लोन लेने के साथ इंश्योरेंस करना बिल्कुल नहीं भूलें।
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