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Loan लेने के बाद व्यक्ति की मौत हो जाए तो किसे भरनी होगी EMI, वसूली के लिए क्या-क्या कर सकते हैं बैंक

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Jan 10, 2026 05:04 pm IST,  Updated : Jan 10, 2026 05:04 pm IST

अगर लोन लेने के बाद किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो बैंक सबसे पहले उस लोन अकाउंट के को-ऐप्लिकैंट से संपर्क करेगा।

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उधारकर्ता की मृत्यु हो जाए तो क्या होता है आगे का प्रोसेस Image Source : PTI

Loan Recovery: किसी भी तरह के लोन में कई तरह की चीजें शामिल होती हैं, जिसकी वजह से लोन आज के डिजिटल युग में भी काफी पेचीदा प्रोसेस बना हुआ है। जिन लोगों को आसानी से लोन मिल जाता है, उन्हें इस पेचीदा प्रोसेस के बारे में मालूम नहीं चल पाता। लेकिन, जिन लोगों के लोन ऐप्लिकेशन को बैंक बार-बार रिजेक्ट कर देते हैं, वे इस समस्या को बहुत अच्छे से जानते हैं। लोन के लिए अप्लाई करने से लेकर लोन की पूरी पेमेंट होने तक ये एक बहुत लंबा प्रोसेस होता है। अगर लोन चलते-चलते किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा? यहां हम जानेंगे कि अगर लोन लेने के बाद किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो क्या होगा? ऐसी स्थिति में बैंक किस व्यक्ति से लोन की वसूली करेगा?

उधारकर्ता की मृत्यु हो जाए तो क्या होता है आगे का प्रोसेस

नियमों के मुताबिक, अगर लोन लेने के बाद किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो बैंक सबसे पहले उस लोन अकाउंट के को-ऐप्लिकैंट से संपर्क करेगा। अगर लोन के लिए कोई को-ऐप्लिकैंट ही नहीं है या फिर को-ऐप्लिकैंट लोन की भरपाई के लिए असमर्थ है तो फिर बैंक लोन के लिए गारंटर बने व्यक्ति से संपर्क करती है। अगर गारंटर भी लोन की भरपाई के लिए मना कर दे तो बैंक फिर मृतक के कानूनी उत्तराधिकारी से संपर्क करते हैं और उनसे लोन की बकाया राशि के समय-समय पर भुगतान करने की अपील करते हैं। को-ऐप्लिकेंट, गारंटर और कानूनी उत्तराधिकारी में से कोई भी लोन की भरपाई करने में समर्थ नहीं है तो बैंक वसूली के लिए मजबूरी में आखिरी विकल्प पर काम करना शुरू कर देते हैं।

वसूली के लिए किस हद तक जा सकते हैं बैंक

लोन की वसूली के लिए बैंकों के पास आखिरी विकल्प के तौर पर मृतक की संपत्ति को अपने कब्जे में लेना है। जब लोन अकाउंट के को-ऐप्लिकेंट, गारंटर और कानूनी उत्तराधिकारी लोन का भुगतान करने में असमर्थता जताते हैं तो ऐसे मामलों में बैंकों के पास ये अधिकार होते हैं कि वो मृतक की संपत्ति को बेचकर कर्ज की वसूली कर सकते हैं। होम लोन और ऑटो लोन के मामले में बैंक सीधे-सीधे मृतक के घर या गाड़ी को अपने कब्जे में लेते हैं और फिर नीलामी आयोजित कर उसे बेचकर लोन की वसूली करते हैं। अगर किसी व्यक्ति ने पर्सनल लोन या फिर कोई अन्य लोन लिया है तो ऐसे मामलों में बैंक उसकी किसी अन्य संपत्ति को नीलामी में बेचकर अपने पैसों की वसूली करते हैं।

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