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और ज्यादा खराब हो सकते हैं वैश्विक आर्थिक हालात, RBI दिसंबर में 0.50% बढ़ा सकता है रेपो रेट: एसबीआई रिपोर्ट

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Oct 07, 2026 10:44 pm IST,  Updated : Oct 07, 2026 10:44 pm IST

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, RBI दिसंबर में होने वाली अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी कर सकता है।

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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा Image Source : PTI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट अब 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गया है। केंद्रीय बैंक ने करीब 4 साल में पहली बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। रेपो रेट में बढ़ोतरी से सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे। बताते चलें कि आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने मौजूदा महंगाई को ध्यान में रखते हुए रेपो रेट में बढ़ोतरी करने का फैसला किया।

इससे पहले फरवरी, 2023 में रेपो दर में की गई थी 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी

इससे पहले, आरबीआई ने फरवरी, 2023 में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद रेपो रेट बढ़कर 6.50 प्रतिशत हो गया था। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आरबीआई अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में इससे भी कड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 0.50 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी कर सकता है।

दिसंबर में रेपो रेट में की जा सकती है 0.50 प्रतिशत की बढ़ोतरी

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, RBI दिसंबर में होने वाली अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी कर सकता है। एसबीआई के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ मौद्रिक नीति के रुख को 'सूझ-बूझ भरी सख्ती' की ओर बदलना आरबीआई की ओर से स्पष्ट संकेत है। 

आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां ज्यादा अस्थिर होने की आशंका

एसबीआई ने एक रिपोर्ट में कहा कि महंगाई बढ़ने की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दिसंबर की मीटिंग में रेपो दर में 0.50 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी की जा सकती है। हालांकि, ये फैसला उस समय की वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। एसबीआई के अनुसार, आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां ज्यादा अस्थिर हो सकती हैं। ऐसे में रेपो रेट को मौजूदा 5.50 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.00 प्रतिशत करना बेहतर विकल्प होगा। 

अक्टूबर और दिसंबर में रेपो रेट बढ़ने की भविष्यवाणी कर चुके थे अर्थशास्त्री

आरबीआई की बुधवार की बैठक से पहले भी कई अर्थशास्त्री इसकी उम्मीद कर रहे थे कि केंद्रीय बैंक आज अक्टूबर और दिसंबर में होने वाली बैठक में 0.25-0.25 प्रतिशत की दो बढ़ोतरी कर सकता है। एसबीआई की रिपोर्ट में रुपये को मजबूत करने के लिए स्पष्ट एआई नीति बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी नीति से देश में विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

PTI Inputs

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