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अब हम बनेंगे डिजिटल विश्वगुरु? वजह नहीं समझ आ रहा तो ये आंकड़ें देखिए

 Written By: Harsh Vardhan @HVPLive
 Published : Nov 01, 2022 06:06 pm IST,  Updated : Nov 05, 2022 11:46 pm IST

Online Payment: भारत यूपीआई के जरिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने के मामले में दुनिया के टॉप देशों में गिना जाता है। इस बार तो वर्ल्ड बैंक ने भी भारत का लोहा मान लिया है।

अब हम बनेंगे डिजिटल विश्वगुरु? ये आंकड़ें दे रहे गवाही- India TV Hindi
अब हम बनेंगे डिजिटल विश्वगुरु? ये आंकड़ें दे रहे गवाही Image Source : INDIA TV

Online Payment: भारत यूपीआई के जरिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने के मामले में दुनिया के टॉप देशों में गिना जाता है। यूपीआई के जरिये अक्टूबर में 12.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का भुगतान किया गया। इस दौरान लेनदेन की संख्या भी 7.7 प्रतिशत बढ़कर 730 करोड़ पर पहुंच गई। यूपीआई के जरिये सितंबर में 11 लाख करोड़ रुपये मूल्य का भुगतान हुआ था जबकि लेनदेन की संख्या 678 करोड़ रही थी। आपको बता दें, वर्ल्ड बैंक ने भारत को ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए धन्यवाद कहा है और विश्व के दूसरे देशों को इससे सीख लेने की सलाह दी है।

ये रहे अक्टूबर के आंकड़े

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। इसके अनुसार, Immediate Payment Service के जरिये अक्टूबर में 4.66 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 48.25 करोड़ लेनदेन हुए। यह संख्या सितंबर की तुलना में 4.3 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा एनईटीसी ‘फास्ट टैग’ के लिए यूपीआई के जरिये अक्टूबर में लेनदेन की संख्या में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सितंबर में इसके जरिये लेन-देन की संख्या 28.3 करोड़ थी।

सितंबर महीने में ऐसे रहे आंकड़े

यूपीआई के जरिये डिजिटल भुगतान लेनदेन की संख्या इस साल सितंबर में तीन फीसदी से अधिक बढ़कर 6.78 अरब हो गई थी। अगस्त में यूपीआई के माध्यम से कुल 6.57 अरब (657 करोड़) लेनदेन हुए थे। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में 6.78 अरब (678 करोड़) लेनदेन हुए और इनका मूल्य 11.16 लाख करोड़ रुपये रहा जो अगस्त में 10.73 लाख करोड़ रुपये था। जुलाई में यूपीआई आधारित डिजिटल लेनदेन का मूल्य 10.62 लाख करोड़ रुपये रहा था। 

एनसीपीआई ढांचे के अन्य आंकड़ों पर गौर करने पर पता चलता है कि तत्काल हस्तांतरण-आधारित भुगतान प्रणाली (Immediate Payment Service) के जरिये सितंबर में 46.27 करोड़ लेनदेन हुए जबकि अगस्त में आईएमपीएस के जरिये कुल 46.69 करोड़ लेनदेन हुए थे। जुलाई में आईएमपीएस के माध्यम से कुल 46.08 करोड़ लेनदेन हुए थे।

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