डिजिटल पेमेंट्स ने भारत में लेन-देन को तेज, सस्ता और सुलभ बनाया है, लेकिन सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है। सही जानकारी, जोखिम और समय पर शिकायत से आप न केवल फ्रॉड से बच सकते हैं, बल्कि किसी भी परेशानी का तेजी से समाधान भी पा सकते हैं। सुरक्षित रहें, स्मार्ट पेमेंट करें!
UPI Now Pay Later सुविधा खास तौर पर उन यूज़र्स के लिए काफी फायदेमंद है, जिन्हें अचानक भुगतान की आवश्यकता पड़ती है या जो सीमित बैलेंस के कारण पेमेंट करने में असमर्थ रह जाते हैं।
फेस्टिव सीजन की रौनक ने न केवल बाजारों को रोशन किया है बल्कि डिजिटल पेमेंट्स के आंकड़ों में भी बंपर उछाल ला दिया है। NPCI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर महीने में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए औसतन हर दिन 94,000 करोड़ रुपये के लेनदेन हुए।
पोस्ट ऑफिस में इस सुविधा की शुरुआत होने से लोगों को काफी सहूलियत होगी। यह देश के हर डाकघर में लागू होने जा रहा है।
एनपीसीआई ने कहा कि प्रोसेस टाइम में संशोधन का उद्देश्य ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाना है।
जैसे-जैसे यूपीआई और लचीले क्रेडिट विकल्प आम होते जा रहे हैं, भविष्य उनका है जो समावेशी विकास और वित्तीय लचीलापन को बढ़ावा देने के लिए इन उपकरणों का जिम्मेदारी से लाभ उठाते हैं।
इस साल की शुरुआत में पेटीएम की सहयोगी कंपनी पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) पर भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिबंध लगाए जाने से पेटीएम को तगड़ा झटका लगा था।
फेस्टिवल सीजन के दौरान, खरीदारी बढ़ने के बीच ग्राहक यह भूल जाते हैं कि उन्होंने क्या ऑर्डर किया है, जिससे वे फिशिंग स्कैम की चपेट में आ सकते हैं। फर्जी डिलीवरी के नोटिफिकेशन से बचने के लिए हमेशा पेमेंट लिंक पर क्लिक करने से पहले उसे दोबारा जांच लें।
सिर्फ 2024 की पहली छमाही में 78 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए हैं, जो कि साल 2023 की पहली छमाही के मुकाबले वॉल्यूम में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
आईएमपीएस और यूपीआई इंस्टैंट और सेफ फंड ट्रांसफर के ये दो पॉपुलर ऑप्शन उपलब्ध हैं। ये दोनों बैंकिंग सर्विस काम तो एक ही करती हैं लेकिन इनके फीचर्स में विभिन्नता हैं।
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 41 प्रतिशत कारोबारियों को अपनी बिक्री का 25 प्रतिशत से कम डिजिटल भुगतान के माध्यम से मिलता है जबकि लगभग 15 प्रतिशत कारोबारियों को बिक्री का 50 प्रतिशत से ज्यादा डिजिटल भुगतान के जरिये मिलता है।
जून में यूपीआई औसत दैनिक लेन-देन की संख्या 46.3 करोड़ थी और औसत दैनिक राशि 66,903 करोड़ रुपये थी। विश्व के डिजिटल लेनदेन में भारत की हिस्सेदारी लगभग 46% है।
अदानी ग्रुप भारत के तेजी से बढ़ते, सरकार समर्थित सार्वजनिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के माध्यम से ऑनलाइन शॉपिंग की पेशकश करने के लिए बातचीत कर रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए UPI लेनदेन की सीमा भी 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने म्यूचुअल फंड की सदस्यता, बीमा प्रीमियम के भुगतान और क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान के लिए प्रति लेनदेन की सीमा को बढ़ा दिया है।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इस बदलाव को मूर्त रूप देने के लिए सोसायटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंशियल टेलीकम्यूनिकेशन यानी SWIFT के साथ सक्रिय रूप से चर्चा में लगे हुए हैं।
नए प्रोडक्ट्स में से एक है Hello! UPI, जो यूजर्स को हिंदी और अंग्रेजी में ऐप्स, टेलीकॉम कॉल और IoT डिवाइस के जरिये वॉयस-एनेबल्ड UPI पेमेंट करने में सक्षम करेगा।
Digital Payment: भारत में डीपीआई ने सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ महिलाओं के लिए निर्धारित राशि का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित किया है।
Paytm ने साल 2022 पर आधारित अपनी ईयर-एंड रिपोर्ट पेश की है, जिसमें देश के कई हिस्सों में डिजिटल ट्रांजैक्शन कई गुना बढ़ने का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामले में दिल्ली-एनसीआर 'डिजिटल पेमेंट कैपिटल ऑफ इंडिया' बनकर उभरा है। वहीं, भारत के नॉर्थ-ईस्ट हिस्से में सबसे ज्यादा ट्रांजैकशन का रिकॉर
Online Payment: भारत यूपीआई के जरिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने के मामले में दुनिया के टॉप देशों में गिना जाता है। इस बार तो वर्ल्ड बैंक ने भी भारत का लोहा मान लिया है।
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