घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों को मंगलवार को जोरदार झटका लगा है। शेयर बाजार में जबरदस्त भूचाल देखने को मिला। इसका असर यह हुआ कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का बेंचमार्क सेंसेक्स 931 अंक लुढ़ककर 80,220.72 के लेवल पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी आज 309 अंक टूटकर 24,472.10 के लेवल पर बंद हुआ। निफ्टी पर सबसे ज्यादा नुकसान अडानी एंटरप्राइजेज, एमएंडएम, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोल इंडिया, टाटा स्टील के शेयरों में हुआ। बाजार में इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद आईसीआईसीआई बैंक, नेस्ले इंडिया, इन्फोसिस में बढ़त देखने को मिली। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के लगभग ₹453.7 लाख करोड़ से घटकर लगभग ₹444.7 लाख करोड़ हो गया। इससे निवेशकों के एक ही दिन में लगभग ₹9 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
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सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद
खबर के मुताबिक, ऑटो, कैपिटल गुड्स, मेटल, पावर, रियल्टी, टेलीकॉम, मीडिया और पीएसयू बैंक के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 3.8 प्रतिशत की गिरावट आई। बीएसई मिडकैप सूचकांक में 2.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में 3.8 प्रतिशत की गिरावट आई।
बाजार आखिर इतना क्यों टूटा
लाइवमिंट की खबर के मुताबिक, जानकारों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी, 2024 के अमेरिकी चुनाव को लेकर अनिश्चितता और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा लगातार बिकवाली बाजार की धारणा को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। इससे बाजार में लगातार निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और वह अपने पैसे निकाल रहे हैं। साथ ही सितंबर तिमाही की निराशाजनक आय और भारतीय शेयर बाजार का बढ़ा हुआ मूल्यांकन भी बाजार की गिरावट में योगदान दे रहा है।
सिर्फ तीन स्टॉक हरे निशान में बंद
निफ्टी 50 में सिर्फ तीन स्टॉक- आईसीआईसीआई बैंक (0.74 प्रतिशत ऊपर), नेस्ले (0.10 प्रतिशत ऊपर) और इंफोसिस (0.04 प्रतिशत ऊपर) हरे निशान में बंद हुए। सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी पीएसयू बैंक (4.18 प्रतिशत नीचे), रियल्टी (3.38 प्रतिशत नीचे) और मेटल (3 प्रतिशत नीचे) में सबसे ज्यादा गिरावट आई। निफ्टी ऑटो, मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 1.36 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.97 प्रतिशत की गिरावट आई।